1. कृषि योजनाओं की सख्त निगरानी
प्रदेश के मुख्य सचिव एसपी गोयल ने सभी मंडलायुक्तों और जिलाधिकारियों के साथ बैठक कर कृषि और जनकल्याणकारी योजनाओं की समीक्षा की। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि हर योजना की जमीनी स्तर पर निगरानी सुनिश्चित की जाए, ताकि किसानों को समय पर लाभ मिल सके।
2. गेहूं खरीद प्रक्रिया को तेज करने के निर्देश
राज्य में 30 मार्च से गेहूं खरीद प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। सरकार ने सभी लंबित क्रय केंद्रों को तुरंत चालू करने और जरूरत के हिसाब से नए केंद्र खोलने के निर्देश दिए हैं। खासतौर पर ग्रामीण इलाकों में किसानों को लंबी दूरी तय न करनी पड़े, इसका ध्यान रखा जा रहा है।
3. ऑन-द-स्पॉट पंजीकरण की सुविधा
सरकार ने यह सुनिश्चित करने के लिए कदम उठाए हैं कि कोई भी किसान गेहूं बेचने से वंचित न रहे। अगर कोई किसान बिना पंजीकरण के क्रय केंद्र पर पहुंचता है, तो उसका वहीं तुरंत पंजीकरण कर खरीद की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
4. डिजिटल सत्यापन प्रणाली को बढ़ावा
किसानों के सत्यापन के लिए एग्रीस्टैक और ई-पड़ताल जैसे डिजिटल माध्यमों को प्राथमिकता दी जा रही है। जहां तकनीकी सुविधा उपलब्ध नहीं है, वहां दस्तावेजों के आधार पर भी खरीद सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। इससे प्रक्रिया पारदर्शी और तेज होगी।
5. पीएम किसान योजना पर विशेष अभियान
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत पात्र किसानों का पंजीकरण 30 अप्रैल तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए 6 से 15 अप्रैल तक ग्राम स्तर पर विशेष अभियान चलाया जाएगा, जिसमें मौके पर ही समस्याओं का समाधान किया जाएगा।
6. उर्वरक वितरण में पारदर्शिता और सख्ती
सरकार ने उर्वरकों की बिक्री को पूरी तरह पारदर्शी बनाने के लिए पीओएस मशीनों के जरिए ही वितरण के निर्देश दिए हैं। साथ ही कालाबाजारी और जमाखोरी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। जिलास्तर पर समितियां बनाकर इस पर लगातार निगरानी रखी जाएगी।

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