एमएसएमई और एयरलाइन सेक्टर को सीधा फायदा
सरकार द्वारा शुरू की गई ECLGS 5.0 योजना के तहत सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (MSME) और अन्य उद्योगों को अतिरिक्त ऋण उपलब्ध कराया जाएगा। इस योजना में एमएसएमई को 100 प्रतिशत गारंटी कवरेज दिया जाएगा, जबकि गैर-एमएसएमई और एयरलाइन सेक्टर को 90 प्रतिशत गारंटी का लाभ मिलेगा।
क्या है पात्रता और शर्तें?
इस योजना का लाभ उन्हीं उधारकर्ताओं को मिलेगा जिनकी 31 मार्च 2026 तक कार्यशील पूंजी की सीमा तय है और जिनके खाते नियमित (नॉन-डिफॉल्ट) स्थिति में हैं। इसमें एमएसएमई के साथ-साथ गैर-एमएसएमई और शेड्यूल्ड एयरलाइंस भी शामिल हैं।
ऋण सीमा और अवधि
योजना के तहत कंपनियों को उनकी अधिकतम कार्यशील पूंजी के 20 प्रतिशत तक अतिरिक्त ऋण दिया जाएगा, जिसकी अधिकतम सीमा 100 करोड़ रुपये तय की गई है। वहीं एयरलाइन सेक्टर के लिए यह सीमा 1,500 करोड़ रुपये तक रखी गई है। एमएसएमई और अन्य सेक्टर के लिए लोन की अवधि 5 साल होगी, जिसमें 1 साल का मोरेटोरियम मिलेगा। एयरलाइन सेक्टर के लिए 7 साल और 2 साल का मोरेटोरियम निर्धारित किया गया है।
बिना गारंटी शुल्क के सुविधा
इस योजना की एक खास बात यह है कि इसमें किसी भी प्रकार का गारंटी शुल्क नहीं लिया जाएगा, जिससे उद्योगों पर अतिरिक्त वित्तीय बोझ नहीं पड़ेगा। सरकार का उद्देश्य इस योजना के माध्यम से व्यवसायों को आर्थिक झटकों से उबारना, रोजगार को सुरक्षित रखना और सप्लाई चेन को मजबूत बनाए रखना है।

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