1. कपास उत्पादकता मिशन को मंजूरी
सरकार ने कपास क्षेत्र को मजबूत बनाने के लिए 'कपास उत्पादकता मिशन (2026-27 से 2030-31)' को स्वीकृति दी है। इसके तहत 5,659 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश किया जाएगा। इस मिशन का उद्देश्य कपास उत्पादन में सुधार, गुणवत्ता बढ़ाना और किसानों की आय को मजबूत करना है। इससे देश के करीब 32 लाख कपास उत्पादक किसानों को लाभ मिलने की उम्मीद है।
2. MSME और एविएशन सेक्टर को राहत
सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों और विमानन क्षेत्र को मजबूती देने के लिए सरकार ने 18,100 करोड़ रुपये की इमरजेंसी क्रेडिट लाइन गारंटी स्कीम (ECLGS 5) शुरू करने का निर्णय लिया है। इस योजना से इन क्षेत्रों को आसान वित्तीय सहायता मिलेगी और व्यवसायों को दोबारा गति मिलेगी।
3. गन्ना किसानों के लिए एफआरपी में बढ़ोतरी
चीनी सीजन 2026-27 के लिए सरकार ने गन्ने का उचित एवं लाभकारी मूल्य (FRP) 365 रुपये प्रति क्विंटल तय किया है। इस फैसले को किसानों के हित में बड़ा कदम माना जा रहा है, जिससे उनकी आय में स्थिरता आएगी।
4. 1.52 लाख करोड़ रुपये की परियोजनाओं को मंजूरी
कैबिनेट ने किसानों और न्याय व्यवस्था से जुड़े कई निर्णयों सहित कुल 1.52 लाख करोड़ रुपये की परियोजनाओं को स्वीकृति दी है। इनमें कृषि क्षेत्र के सुधार, बुनियादी ढांचे का विकास और आर्थिक मजबूती से जुड़े कई बड़े कार्यक्रम शामिल हैं।
5. रेलवे नेटवर्क के विस्तार के लिए कई लाइनों की मंजूरी
रेलवे की क्षमता बढ़ाने और यातायात दबाव कम करने के लिए कई महत्वपूर्ण लाइनों को मंजूरी दी गई है, जिनमें शामिल हैं:
नागदा-मथुरा तीसरी और चौथी लाइन (16,403 करोड़ रुपये)
गुंटकल–वाडी तीसरी और चौथी लाइन (4,758 करोड़ रुपये)
बुरहवल-सीतापुर तीसरी और चौथी लाइन (2,276 करोड़ रुपये)
इन परियोजनाओं से माल ढुलाई आसान होगी और औद्योगिक क्षेत्रों को बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी।
6. सेमीकंडक्टर और जहाज मरम्मत क्षेत्र को भी बढ़ावा
भारत को सेमीकंडक्टर में तकनीकी रूप से आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में दो कंपनियों क्रिस्टल मैट्रिक्स लिमिटेड और सुची सेमीकॉन प्राइवेट लिमिटेड को मंजूरी दी गई है। इसके अलावा वाडिनार में 1,570 करोड़ रुपये की लागत से जहाज मरम्मत सुविधा स्थापित करने का भी निर्णय लिया गया है, जिससे समुद्री क्षेत्र में भारत की क्षमता मजबूत होगी।

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