हर पात्र किसान तक योजना पहुंचाने का लक्ष्य
कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक में साफ निर्देश दिए कि कोई भी पात्र किसान इन योजनाओं से वंचित न रहे। उन्होंने जोर देकर कहा कि किसान क्रेडिट कार्ड और फसल बीमा योजना किसानों के लिए सुरक्षा कवच की तरह हैं, इसलिए इनका व्यापक प्रचार और प्रभावी क्रियान्वयन जरूरी है।
डेटा के जरिए बढ़ेगा दायरा
सरकार ने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के लाभार्थियों के डेटा का उपयोग कर अधिक किसानों को KCC से जोड़ने की रणनीति बनाई है। इससे ऐसे किसानों तक पहुंच आसान होगी, जो पहले से सरकारी योजनाओं से जुड़े हैं, लेकिन अभी KCC का लाभ नहीं ले पाए हैं।
बीमा प्रक्रिया में पारदर्शिता पर जोर
बैठक में बीमा योजनाओं को लेकर पारदर्शिता बढ़ाने पर विशेष ध्यान दिया गया। निर्देश दिए गए कि जिन किसानों का बीमा प्रीमियम काटा गया है, उनका बीमा सुनिश्चित किया जाए और उससे जुड़ी सभी जानकारी स्पष्ट रूप से उपलब्ध हो। इससे किसानों का भरोसा बढ़ेगा और किसी भी प्रकार की गड़बड़ी की संभावना कम होगी।
एनपीए खातों को नियमित करने की पहल
समीक्षा में यह भी सामने आया कि कई किसान क्रेडिट कार्ड खाते एनपीए (नॉन-परफॉर्मिंग एसेट) की श्रेणी में पहुंच गए हैं। इस समस्या के समाधान के लिए सरकार ने बैंक और संबंधित विभागों को मिलकर काम करने के निर्देश दिए हैं। किसानों को समय पर ऋण चुकाने के लिए जागरूक किया जाएगा, ताकि वे ब्याज में मिलने वाली राहत का लाभ उठा सकें।
15 मई से शुरू होगा विशेष अभियान
राज्यभर में 15 मई से एक विशेष अभियान चलाया जाएगा, जिसके तहत नए KCC जारी किए जाएंगे और अधिक किसानों को योजनाओं से जोड़ा जाएगा। साथ ही किसानों को यह भी बताया जाएगा कि समय पर कर्ज चुकाने से उन्हें ब्याज दर में छूट मिलती है, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति बेहतर हो सकती है।
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