दरअसल, स्मार्ट प्रीपेड मीटर को लेकर उपभोक्ताओं में लंबे समय से नाराजगी थी। रिचार्ज, बिलिंग और तकनीकी समस्याओं को लेकर कई जगह विरोध प्रदर्शन भी हुए। इसके बाद सरकार ने मामले की समीक्षा के लिए विशेषज्ञ समिति गठित की और अंततः पोस्टपेड व्यवस्था बहाल करने का निर्णय लिया।
1. स्मार्ट प्रीपेड मीटर की अनिवार्यता खत्म
सरकार ने स्पष्ट किया है कि अब नए और पुराने सभी बिजली कनेक्शन पोस्टपेड व्यवस्था के तहत ही संचालित होंगे। पिछले वर्ष लगाए गए लाखों प्रीपेड कनेक्शन को भी दोबारा पोस्टपेड मोड में बदला जाएगा।
2. बिल भुगतान में पुरानी व्यवस्था लागू
उपभोक्ताओं को पहले की तरह हर महीने इस्तेमाल की गई बिजली का बिल अगले माह 15 दिनों के भीतर भुगतान करने की सुविधा मिलेगी। बिल एसएमएस और व्हाट्सएप के जरिए भेजा जाएगा।
3. बकाया भुगतान के लिए आसान किस्त
30 अप्रैल तक के बकाया बिजली बिल को उपभोक्ता 10 आसान किस्तों में जमा कर सकेंगे। इससे आर्थिक बोझ कम होने और उपभोक्ताओं को राहत मिलने की उम्मीद है।
4. नए कनेक्शन और मीटर नीति में बदलाव
अब सभी नए बिजली कनेक्शन भी पोस्टपेड स्मार्ट मीटर के आधार पर दिए जाएंगे। पुराने मीटरों को प्रीपेड में बदलने की प्रक्रिया फिलहाल स्थगित कर दी गई है।
5. सिक्योरिटी और बिल सुधार व्यवस्था
सरकार ने बताया है कि सिक्योरिटी राशि को चार किस्तों में वसूला जाएगा। वहीं बिल संबंधी शिकायतों के निस्तारण के लिए विशेष कैंप भी लगाए जाएंगे और उपभोक्ता 1912 हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज करा सकेंगे।

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