1 .मानदेय में बढ़ोतरी से बढ़ेगा आर्थिक सहारा
सरकार ने शिक्षामित्रों के मानदेय में वृद्धि की प्रक्रिया शुरू कर दी है। अब उन्हें प्रतिमाह 18 हजार रुपये मानदेय मिलेगा, जो सीधे उनके बैंक खातों में डीबीटी के माध्यम से भेजा जाएगा। इस कदम से शिक्षामित्रों की आर्थिक स्थिति में सुधार होने की उम्मीद है और वे अधिक उत्साह के साथ शिक्षण कार्य कर सकेंगे।
2 .5 लाख रुपये तक कैशलेस इलाज की सुविधा
दूसरी बड़ी घोषणा के तहत शिक्षामित्रों को आयुष्मान भारत योजना की तर्ज पर 5 लाख रुपये तक की कैशलेस चिकित्सा सुविधा प्रदान की जाएगी। इसके तहत वे और उनके आश्रित सरकारी एवं सूचीबद्ध निजी अस्पतालों में गंभीर बीमारियों का मुफ्त इलाज करा सकेंगे। यह सुविधा उनके स्वास्थ्य सुरक्षा को मजबूत बनाएगी।
3 .जीवन बीमा और सामाजिक सुरक्षा का कवर
तीसरे तोहफे के रूप में शिक्षामित्रों को जीवन बीमा और दुर्घटना बीमा का लाभ दिया जाएगा। किसी आकस्मिक घटना की स्थिति में उनके परिवार को 5 से 10 लाख रुपये तक का बीमा कवर मिल सकेगा। सरकार ने बैंकों के माध्यम से इस सामाजिक सुरक्षा व्यवस्था को लागू करने की प्रक्रिया तेज करने के निर्देश भी दिए हैं।
सरकार का उद्देश्य: सुरक्षित और सशक्त शिक्षामित्र
मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षामित्रों ने कठिन परिस्थितियों में प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था को मजबूती दी है। ऐसे में सरकार का लक्ष्य है कि उन्हें आर्थिक सुरक्षा के साथ-साथ सामाजिक सुरक्षा भी उपलब्ध कराई जाए, ताकि वे निश्चिंत होकर अपने दायित्वों का निर्वहन कर सकें।

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