बिहार में शिक्षक भर्ती को लेकर बड़ा अपडेट, नए नियम लागू

पटना। बिहार में सरकारी शिक्षक बनने का सपना देख रहे अभ्यर्थियों के लिए बड़ी खबर सामने आई है। बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) ने भर्ती प्रक्रिया में अहम बदलाव करते हुए परीक्षा प्रणाली को दो चरणों में विभाजित करने का निर्णय लिया है। अब किसी भी भर्ती परीक्षा को एक ही पाली में पूरा नहीं किया जाएगा, बल्कि प्रारंभिक और मुख्य परीक्षा के माध्यम से चयन प्रक्रिया पूरी होगी।

दो चरणों में होगी परीक्षा

आयोग के नए नियमों के अनुसार, शिक्षक भर्ती की आगामी परीक्षा टीआरई-4 में अभ्यर्थियों को पहले प्रारंभिक परीक्षा पास करनी होगी। इसके बाद सफल उम्मीदवार मुख्य परीक्षा में शामिल होंगे। इस बदलाव का उद्देश्य परीक्षा को अधिक पारदर्शी, निष्पक्ष और कदाचारमुक्त बनाना है। BPSC के परीक्षा नियंत्रक राजेश कुमार सिंह के मुताबिक, नई व्यवस्था से न केवल परीक्षा प्रक्रिया मजबूत होगी, बल्कि योग्य अभ्यर्थियों का चयन भी बेहतर तरीके से हो सकेगा।

अन्य परीक्षाओं में भी लागू होगा नियम

यह नया पैटर्न केवल शिक्षक भर्ती तक सीमित नहीं रहेगा। हाल ही में आयोजित सहायक शिक्षा विकास पदाधिकारी (AEADO) की परीक्षा, जिसे पहले रद्द किया गया था, अब दो चरणों में आयोजित की जाएगी। इससे साफ है कि आयोग भविष्य में अपनी सभी प्रमुख परीक्षाओं में यही मॉडल अपनाएगा।

टीआरई-4 में इतने पदों पर होगी भर्ती

टीआरई-4 के तहत कुल 46,882 पदों पर शिक्षकों की नियुक्ति की जाएगी। ये भर्तियां राज्य के चार प्रमुख विभागों में होंगी। शिक्षा विभाग, पिछड़ा एवं अति पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग, अनुसूचित जाति एवं जनजाति कल्याण विभाग, अल्पसंख्यक कल्याण विभाग। सबसे ज्यादा पद शिक्षा विभाग में हैं, जहां विभिन्न स्तरों पर भर्तियां होंगी:

प्राथमिक (कक्षा 1-5): 10,778 पद

मध्य विद्यालय (कक्षा 6-8): 8,583 पद

माध्यमिक (कक्षा 9-10): 9,082 पद

उच्च माध्यमिक (कक्षा 11-12): 16,774 पद

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