सात स्थानों पर बनेंगे फ्लाईओवर
योजना के तहत शहर के जिन प्रमुख चौराहों और क्षेत्रों को शामिल किया गया है, उनमें महर्षि भरद्वाज चौराहा, तेलियरगंज, मेडिकल कॉलेज चौराहा, म्योहाल, लक्ष्मी टाकिज, मुंडेरा, लेप्रोसी नैनी और सिविल लाइंस हनुमान मंदिर चौराहा प्रमुख हैं। इन स्थानों पर फ्लाईओवर बनने से शहर के व्यस्त मार्गों पर ट्रैफिक का दबाव कम होगा।
संगम तक पहुंच होगी आसान
महर्षि भरद्वाज चौराहे और तेलियरगंज क्षेत्र में प्रस्तावित फ्लाईओवर खास तौर पर संगम जाने वाले मार्ग को सुगम बनाएंगे। इससे लखनऊ और अयोध्या की ओर से आने वाले श्रद्धालु बिना जाम में फंसे सीधे संगम क्षेत्र तक पहुंच सकेंगे।
शहर के अन्य हिस्सों को भी राहत
लक्ष्मी टाकिज से जहाज चौराहा, स्टेनली रोड पर म्योहाल से लोक सेवा आयोग चौराहा और सिविल लाइंस के प्रमुख मार्गों पर फ्लाईओवर बनने से कचहरी, कटरा और बस अड्डा क्षेत्रों में लगने वाले जाम से राहत मिलेगी। वहीं, मेडिकल कॉलेज चौराहे पर छोटा फ्लाईओवर बनने से कानपुर, फतेहपुर और कौशांबी की ओर से आने-जाने वाले लोगों को भी सुविधा होगी।
मुंडेरा में लंबा फ्लाईओवर प्रस्तावित
मुंडेरा क्षेत्र में डेढ़ से दो किलोमीटर लंबा फ्लाईओवर बनाने की योजना है, जो चौफटका फ्लाईओवर से आगे तक जाएगा। इस क्षेत्र में अक्सर लगने वाले जाम से लोगों को घंटों जूझना पड़ता है, ऐसे में यह परियोजना बेहद अहम मानी जा रही है।
इस प्रोजेक्ट की लागत और समयसीमा
पूरे प्रोजेक्ट पर करीब 400 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। प्रस्ताव को जून के अंत तक शासन को भेजा जाएगा। मंजूरी मिलने के बाद निर्माण कार्य शुरू होगा और इसे लगभग तीन वर्षों में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। यदि सब कुछ योजना के अनुसार चलता रहा, तो वर्ष 2030 तक सभी फ्लाईओवर बनकर तैयार हो सकते हैं।

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