केंद्र सरकार की नई तैयारी, गाड़ी मालिकों के लिए 3 बड़ी खुशखबरी

नई दिल्ली। देशभर में नौकरी, व्यवसाय या अन्य कारणों से एक राज्य से दूसरे राज्य जाने वाले वाहन मालिकों को जल्द बड़ी राहत मिल सकती है। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने मोटर वाहन अधिनियम में संशोधन का प्रस्ताव तैयार किया है। यदि प्रस्ताव लागू होता है, तो दूसरे राज्य में रहने वाले लोगों को वाहन का रजिस्ट्रेशन बार-बार बदलवाने की परेशानी से काफी हद तक छुटकारा मिल सकता है। इसके साथ ही ट्रैफिक चालान के निपटारे की प्रक्रिया को भी अधिक सरल और डिजिटल बनाने की तैयारी है।

तीन साल तक नहीं बदलना पड़ सकता है वाहन का रजिस्ट्रेशन

वर्तमान व्यवस्था के अनुसार यदि कोई व्यक्ति अपना वाहन किसी दूसरे राज्य में 12 महीने से अधिक समय तक रखता है, तो उसे वहां दोबारा वाहन का पंजीकरण कराना पड़ता है। नए प्रस्ताव में इस अवधि को बढ़ाकर तीन वर्ष करने का सुझाव दिया गया है। इससे ऐसे लोगों को राहत मिलेगी जो नौकरी, ट्रांसफर या सीमित अवधि के प्रोजेक्ट के कारण कुछ वर्षों के लिए दूसरे राज्य में रहते हैं और बाद में अपने गृह राज्य लौट जाते हैं।

नौकरीपेशा लोगों को मिलेगा सबसे ज्यादा फायदा

यह बदलाव खासतौर पर सरकारी और निजी क्षेत्र के उन कर्मचारियों के लिए उपयोगी माना जा रहा है, जिनका समय-समय पर अलग-अलग राज्यों में तबादला होता रहता है। कई लोग ऐसे भी होते हैं जो दो या तीन साल के अनुबंध पर दूसरे राज्य में काम करते हैं। नई व्यवस्था लागू होने पर उन्हें वाहन का रजिस्ट्रेशन बदलवाने और बाद में दोबारा मूल राज्य में स्थानांतरित कराने की जटिल प्रक्रिया से राहत मिल सकती है।

रोड टैक्स व्यवस्था पर भी बनी हुई है चर्चा

विशेषज्ञों का मानना है कि रजिस्ट्रेशन नियमों में बदलाव सकारात्मक कदम है, लेकिन अलग-अलग राज्यों में लागू अलग-अलग रोड टैक्स व्यवस्था अभी भी एक बड़ी चुनौती है। यदि भविष्य में रोड टैक्स को अधिक सरल बनाया जाता है और राज्यों के बीच ऑनलाइन टैक्स समायोजन जैसी व्यवस्था लागू होती है, तो वाहन मालिकों को और अधिक सुविधा मिल सकती है।

ट्रैफिक चालान का निपटारा होगा आसान

सरकार ने ट्रैफिक नियमों से जुड़े छोटे मामलों के निपटारे की प्रक्रिया को भी आसान बनाने का प्रस्ताव रखा है। योजना के अनुसार ऐसे मामलों में हर बार अदालत जाने की आवश्यकता कम होगी। राज्यों को डिजिटल प्रणाली विकसित करनी होगी, जिसके माध्यम से कई छोटे ट्रैफिक चालानों और जुर्मानों का निपटारा संबंधित अधिकारी के स्तर पर ऑनलाइन किया जा सकेगा। इससे लोगों का समय बचेगा और न्यायालयों पर मामलों का दबाव भी कम होने की संभावना है।

नियम लागू होने के बाद मिलेगी बड़ी राहत

फिलहाल ये बदलाव प्रस्तावित हैं और संबंधित कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही लागू होंगे। यदि इन्हें अंतिम मंजूरी मिलती है, तो दूसरे राज्यों में रहने वाले लाखों वाहन मालिकों को प्रशासनिक प्रक्रियाओं में आसानी होगी। साथ ही डिजिटल व्यवस्था लागू होने से ट्रैफिक नियमों से जुड़े मामलों का समाधान भी पहले की तुलना में अधिक तेज और पारदर्शी हो सकेगा।

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