8वें वेतन आयोग का नया कैलकुलेशन, 40 हजार और 50 हजार सैलरी वालों की जेब में कितने बढ़ेंगे रुपये

नई दिल्ली। केंद्र सरकार के कर्मचारियों के बीच 8वें वेतन आयोग को लेकर लगातार चर्चा बनी हुई है। सबसे बड़ा सवाल यही है कि आयोग लागू होने के बाद मौजूदा बेसिक सैलरी में कितना इजाफा होगा। हालांकि सरकार ने अभी फिटमेंट फैक्टर को लेकर अंतिम फैसला नहीं किया है, लेकिन विभिन्न रिपोर्टों और कर्मचारी संगठनों की मांगों के आधार पर कई संभावित आंकड़े सामने आ रहे हैं।

यदि किसी कर्मचारी की मौजूदा बेसिक सैलरी ₹40,000 या ₹50,000 है, तो अलग-अलग फिटमेंट फैक्टर के अनुसार उसकी नई बेसिक सैलरी में उल्लेखनीय बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है। 8वें वेतन आयोग के लिए फिलहाल 1.92, 2.28, 2.57, 3.57 और 3.83 जैसे अलग-अलग फिटमेंट फैक्टर चर्चा में हैं। अंतिम निर्णय सरकार की मंजूरी के बाद ही होगा।

फिटमेंट फैक्टर क्या होता है?

हर वेतन आयोग में कर्मचारियों की नई बेसिक सैलरी तय करने के लिए फिटमेंट फैक्टर का इस्तेमाल किया जाता है। आसान शब्दों में, वर्तमान बेसिक सैलरी को तय फिटमेंट फैक्टर से गुणा करके नई बेसिक सैलरी निकाली जाती है। फॉर्मूला: नई बेसिक सैलरी = वर्तमान बेसिक सैलरी × फिटमेंट फैक्टर।

₹40,000 बेसिक सैलरी वालों का संभावित कैलकुलेशन

यदि किसी कर्मचारी की मौजूदा बेसिक सैलरी ₹40,000 है, तो अलग-अलग फिटमेंट फैक्टर के आधार पर संभावित नई बेसिक सैलरी इस प्रकार हो सकती है:

1.92 फिटमेंट फैक्टर: ₹76,800

2.28 फिटमेंट फैक्टर: ₹91,200

2.57 फिटमेंट फैक्टर: ₹1,02,800

3.57 फिटमेंट फैक्टर: ₹1,42,800

3.83 फिटमेंट फैक्टर: ₹1,53,200

यानी यदि कर्मचारी संगठनों की अधिक फिटमेंट फैक्टर वाली मांग स्वीकार होती है, तो बेसिक सैलरी डेढ़ लाख रुपये के करीब पहुंच सकती है।

₹50,000 बेसिक सैलरी वालों का संभावित कैलकुलेशन

जिन कर्मचारियों की वर्तमान बेसिक सैलरी ₹50,000 है, उनके लिए अनुमानित नई बेसिक सैलरी कुछ इस प्रकार हो सकती है:

1.92 फिटमेंट फैक्टर: ₹96,000

2.28 फिटमेंट फैक्टर: ₹1,14,000

2.57 फिटमेंट फैक्टर: ₹1,28,500

3.57 फिटमेंट फैक्टर: ₹1,78,500

3.83 फिटमेंट फैक्टर: ₹1,91,500

इससे स्पष्ट है कि अंतिम फिटमेंट फैक्टर के आधार पर वेतन में बड़ा अंतर देखने को मिल सकता है।

सिर्फ बेसिक सैलरी ही नहीं, भत्तों पर भी पड़ेगा असर

8वें वेतन आयोग के लागू होने के बाद केवल बेसिक वेतन ही नहीं बढ़ेगा, बल्कि कई अन्य भत्तों की संरचना में भी बदलाव हो सकता है। 

महंगाई भत्ता (DA): परंपरा के अनुसार नया वेतन आयोग लागू होने पर उस समय तक का महंगाई भत्ता बेसिक वेतन में समाहित कर दिया जाता है। इसके बाद नई वेतन संरचना में DA की गणना दोबारा 0 प्रतिशत से शुरू होती है।

मकान किराया भत्ता (HRA): कर्मचारी संगठनों ने HRA की दरों में संशोधन की मांग की है। प्रस्तावों के अनुसार X, Y और Z शहरों की श्रेणी के आधार पर अधिकतम HRA को 36 प्रतिशत से बढ़ाकर 40 प्रतिशत तक किया जा सकता है। हालांकि इस पर अंतिम फैसला सरकार की मंजूरी के बाद ही होगा।

अभी क्या है स्थिति?

8वें वेतन आयोग की घोषणा हो चुकी है, लेकिन आयोग की सिफारिशें, फिटमेंट फैक्टर और नई वेतन संरचना अभी तय नहीं हुई है। इसलिए फिलहाल सामने आ रहे सभी वेतन संबंधी आंकड़े संभावित गणनाओं और कर्मचारी संगठनों की मांगों पर आधारित हैं। कर्मचारियों की वास्तविक सैलरी में कितनी बढ़ोतरी होगी, इसका अंतिम फैसला आयोग की सिफारिशें स्वीकार होने के बाद ही स्पष्ट होगा।

0 comments:

Post a Comment