ऑनलाइन उपस्थिति से तय होगी सैलरी
नई प्रणाली में शिक्षकों के स्कूल आने और जाने का समय डिजिटल माध्यम से दर्ज किया जाएगा। प्रत्येक माह इसी रिकॉर्ड के आधार पर वेतन तैयार होगा। यदि किसी शिक्षक की उपस्थिति पोर्टल पर दर्ज नहीं होती है, तो संबंधित दिन का प्रभाव उसके वेतन पर पड़ सकता है। इस व्यवस्था का उद्देश्य उपस्थिति प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और जवाबदेह बनाना है।
तीन बार देरी पर एक दिन का वेतन कटेगा
शिक्षा विभाग ने समयपालन को लेकर भी स्पष्ट नियम बनाए हैं। यदि कोई शिक्षक तीन बार निर्धारित समय से देर से स्कूल पहुंचता है या समय से पहले विद्यालय छोड़ता है, तो उसके एक दिन के वेतन की कटौती की जाएगी। यह नियम सभी संबंधित शिक्षकों पर समान रूप से लागू होगा।
फर्जी हाजिरी पर होगी सख्त कार्रवाई
विभाग ने चेतावनी दी है कि डिजिटल उपस्थिति प्रणाली में किसी भी प्रकार की गलत जानकारी या फर्जी उपस्थिति दर्ज कराने की कोशिश को गंभीरता से लिया जाएगा। यदि जांच में ऐसा मामला सामने आता है, तो संबंधित शिक्षक के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
सुपौल से हुई शुरुआत
फिलहाल इस नई व्यवस्था को सुपौल जिले से लागू किया गया है। जिला शिक्षा पदाधिकारी, प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी और विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों को इसके प्रभावी क्रियान्वयन की जिम्मेदारी सौंपी गई है। अधिकारियों को नियमित निगरानी कर विभाग को रिपोर्ट भी भेजनी होगी।

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