शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने स्पष्ट किया कि शिक्षकों को आवेदन के लिए किसी कार्यालय में जाने की आवश्यकता नहीं होगी। पूरी प्रक्रिया ई-शिक्षा कोष पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन पूरी की जाएगी। सरकार का उद्देश्य स्थानांतरण प्रक्रिया को सरल, पारदर्शी और समयबद्ध बनाना है, ताकि पात्र शिक्षकों को जल्द राहत मिल सके।
अगले सप्ताह से शुरू हो सकती है प्रक्रिया
शिक्षा विभाग के अनुसार, विद्यालयवार रिक्त पदों का अंतिम डाटा तैयार किया जा रहा है। इसके लिए विशेष सॉफ्टवेयर विकसित किया गया है, जिसमें प्रत्येक विद्यालय की स्वीकृत और रिक्त सीटों का विवरण दर्ज किया जाएगा। रिक्तियों का सत्यापन पूरा होने के बाद शिक्षकों से ऐच्छिक स्थानांतरण (वॉलंटरी ट्रांसफर) के लिए ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित किए जाएंगे। विभागीय तैयारियों को देखते हुए आवेदन प्रक्रिया 20 जुलाई के आसपास शुरू होने की संभावना जताई जा रही है।
इन शिक्षकों को मिल सकती है प्राथमिकता
राज्य सरकार ने संकेत दिए हैं कि स्थानांतरण के दौरान मानवीय परिस्थितियों का विशेष ध्यान रखा जाएगा। गंभीर बीमारी, दिव्यांगता, पति-पत्नी की अलग-अलग जगह नौकरी, घर से अधिक दूरी और पारिवारिक जिम्मेदारियों जैसे मामलों को प्राथमिकता दी जा सकती है। इसके अलावा आपसी स्थानांतरण के मामलों पर भी सकारात्मक विचार किया जाएगा, जिससे दोनों शिक्षकों को सुविधा के अनुसार स्थान बदलने का अवसर मिल सके।
अधिकारियों को दिया जाएगा प्रशिक्षण
नई व्यवस्था को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए विभाग ने अधिकारियों के प्रशिक्षण की भी योजना बनाई है। 11 जुलाई को सभी जिला शिक्षा पदाधिकारियों (DEO) और जिला कार्यक्रम पदाधिकारियों (स्थापना) को ट्रांसफर सॉफ्टवेयर का प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके बाद अन्य संबंधित अधिकारियों को भी चरणबद्ध तरीके से प्रशिक्षित किया जाएगा।
दूर तैनात शिक्षकों को मिलेगी राहत
हाल के वर्षों में बड़ी संख्या में नियोजित शिक्षकों और BPSC के माध्यम से नियुक्त शिक्षकों की पोस्टिंग गृह जिले से काफी दूर हुई थी। इसके कारण कई शिक्षक लंबे समय से स्थानांतरण की मांग कर रहे थे। अब नई ऑनलाइन व्यवस्था लागू होने के बाद ऐसे शिक्षकों को अपनी सुविधा के अनुसार तबादले के लिए आवेदन करने का अवसर मिलेगा। इससे हजारों शिक्षकों को अपने परिवार के करीब कार्य करने का मौका मिल सकता है।
पूरी प्रक्रिया होगी ऑनलाइन
इस बार तबादला प्रक्रिया पूरी तरह डिजिटल होगी। शिक्षक ई-शिक्षा कोष के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे। इससे आवेदन से लेकर चयन तक पूरी प्रक्रिया अधिक पारदर्शी बनेगी और शिक्षकों को कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। ऑनलाइन व्यवस्था से रिक्त पदों का सही आकलन भी संभव होगा और स्थानांतरण प्रक्रिया को तेजी से पूरा किया जा सकेगा।

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