8वें वेतन आयोग की बड़ी खुशखबरी! सैलरी बढ़ने के साथ टैक्स में भी मिल सकती है राहत?

नई दिल्ली: 8वें केंद्रीय वेतन आयोग को लेकर देशभर के लाखों केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स की निगाहें टिकी हुई हैं। आयोग विभिन्न शहरों में कर्मचारी संगठनों, यूनियनों और अन्य हितधारकों से सुझाव जुटा रहा है ताकि अपनी अंतिम सिफारिशें तैयार की जा सकें। इसी बीच कर्मचारियों से जुड़ा एक नया मुद्दा भी सामने आया है। कर्मचारी प्रतिनिधियों ने आयोग से मांग की है कि केंद्रीय कर्मचारियों को प्रोफेशनल टैक्स से राहत देने पर भी विचार किया जाए। यदि भविष्य में इस सुझाव पर सहमति बनती है, तो कई कर्मचारियों को अतिरिक्त आर्थिक राहत मिल सकती है। हालांकि, फिलहाल इस संबंध में कोई निर्णय नहीं लिया गया है।

आयोग जुटा रहा है कर्मचारियों की राय

8वें वेतन आयोग ने अपनी रिपोर्ट तैयार करने से पहले कर्मचारी संगठनों से विस्तृत सुझाव मांगे हैं। इसके लिए ऑनलाइन मेमोरेंडम के साथ-साथ विभिन्न शहरों में बैठकें भी आयोजित की जा रही हैं। इन बैठकों का उद्देश्य कर्मचारियों की वास्तविक समस्याओं और अपेक्षाओं को समझना है, ताकि अंतिम सिफारिशें अधिक व्यावहारिक बन सकें।

प्रोफेशनल टैक्स हटाने की मांग

नेशनल काउंसिल-जॉइंट कंसल्टेटिव मशीनरी (NC-JCM) के कर्मचारी पक्ष ने आयोग के सामने प्रस्ताव रखा है कि केंद्र सरकार के कर्मचारियों को राज्य सरकारों द्वारा वसूले जाने वाले प्रोफेशनल टैक्स से छूट दी जाए। संगठन का तर्क है कि कर्मचारी पहले से आयकर और वस्तु एवं सेवा कर जैसे विभिन्न करों का भुगतान करते हैं, इसलिए अतिरिक्त प्रोफेशनल टैक्स उनके ऊपर आर्थिक बोझ बढ़ाता है।

प्रोफेशनल टैक्स क्या होता है?

प्रोफेशनल टैक्स एक राज्य सरकार द्वारा लगाया जाने वाला प्रत्यक्ष कर है। यह नौकरी, व्यवसाय या किसी पेशे से आय अर्जित करने वाले लोगों पर लागू होता है। यह केवल डॉक्टर, वकील या चार्टर्ड अकाउंटेंट जैसे पेशों तक सीमित नहीं है, बल्कि कई राज्यों में वेतनभोगी कर्मचारियों पर भी लागू किया जाता है। भारतीय संविधान के अनुच्छेद 276 के अनुसार कोई भी राज्य एक वित्तीय वर्ष में किसी व्यक्ति से अधिकतम ₹2,500 तक ही प्रोफेशनल टैक्स वसूल सकता है।

किन राज्यों में लागू है यह टैक्स?

देश के सभी राज्यों में प्रोफेशनल टैक्स नहीं लिया जाता। उदाहरण के तौर पर उत्तर प्रदेश, दिल्ली, हरियाणा और पंजाब में यह टैक्स लागू नहीं है। वहीं महाराष्ट्र, कर्नाटक, पश्चिम बंगाल, बिहार और मध्य प्रदेश जैसे राज्यों में पात्र कर्मचारियों और पेशेवरों से यह कर वसूला जाता है।

क्या टैक्स में राहत तय हो गई है?

नहीं। अभी प्रोफेशनल टैक्स हटाने या उसमें छूट देने का प्रस्ताव केवल कर्मचारी संगठन की ओर से आयोग के सामने रखा गया सुझाव है। 8वां वेतन आयोग सभी सुझावों का अध्ययन करेगा और उसके बाद अपनी सिफारिशें केंद्र सरकार को सौंपेगा। अंतिम निर्णय सरकार द्वारा ही लिया जाएगा।

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