1. विंध्य एक्सप्रेस-वे से चार जिलों को फायदा
प्रस्तावित परियोजनाओं में विंध्य एक्सप्रेस-वे के लिए सबसे अधिक जमीन की जरूरत होगी। यह मार्ग प्रयागराज, भदोही, मिर्जापुर और सोनभद्र से होकर गुजरेगा। इसके लिए इन चार जिलों के 327 गांवों से लगभग 4,613.93 हेक्टेयर जमीन खरीदी जाएगी। इससे विंध्य क्षेत्र में सड़क संपर्क बेहतर होने और लोगों को लंबी दूरी की यात्रा में सुविधा मिलने की संभावना है।
2. मेरठ-हरिद्वार एक्सप्रेस-वे से सफर होगा आसान
गंगा एक्सप्रेस-वे के पश्चिमी हिस्से को हरिद्वार तक जोड़ने की योजना के तहत एक नया एक्सप्रेस-वे विकसित किया जाएगा। इसका मार्ग अमरोहा और बिजनौर से होकर हरिद्वार तक जाएगा। परियोजना के लिए अमरोहा के 52 गांवों, बिजनौर के 108 गांवों और हरिद्वार के 24 गांवों से जमीन खरीदे जाने का प्रस्ताव है। इससे पश्चिमी उत्तर प्रदेश और हरिद्वार के बीच कनेक्टिविटी बेहतर हो सकती है।
3. विंध्य-पूर्वांचल लिंक एक्सप्रेस-वे भी बनेगा
तीसरी परियोजना विंध्य-पूर्वांचल लिंक एक्सप्रेस-वे है। इसका उद्देश्य मिर्जापुर, चंदौली और गाजीपुर क्षेत्र के बीच सड़क संपर्क को मजबूत करना है। इसके लिए तीनों जिलों के कुल 140 गांवों से लगभग 1,558.93 हेक्टेयर जमीन खरीदी जाएगी। परियोजना पूरी होने पर स्थानीय लोगों के साथ व्यापारिक और मालवाहक वाहनों को भी लाभ मिलने की उम्मीद है।
कई जिलों में बढ़ेंगे विकास के अवसर
तीनों एक्सप्रेस-वे परियोजनाओं से उत्तर प्रदेश के अलग-अलग क्षेत्रों में यातायात सुविधाओं का विस्तार हो सकता है। बेहतर सड़क संपर्क से यात्रा का समय घटाने, माल ढुलाई को आसान बनाने और व्यापारिक गतिविधियों को बढ़ावा देने में मदद मिल सकती है।

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