यूपी वालों के लिए बड़ा अपडेट! अब ड्राइविंग टेस्ट देने पर भी लगेगा पैसा!

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने की तैयारी कर रहे लोगों के लिए जरूरी खबर है। अब स्थायी ड्राइविंग लाइसेंस के लिए टेस्ट देने पर ट्रैक इस्तेमाल करने का शुल्क भी देना पड़ सकता है। इसके लिए दोपहिया, हल्के मोटर वाहन और भारी वाहनों की अलग-अलग दरें प्रस्तावित की गई हैं। इस व्यवस्था को लागू करने की तैयारी शासन स्तर पर चल रही है।

किस वाहन के लिए कितनी देनी होगी फीस?

प्रस्तावित व्यवस्था के अनुसार, ड्राइविंग टेस्ट के दौरान ट्रैक इस्तेमाल करने के लिए वाहन की श्रेणी के हिसाब से शुल्क लिया जाएगा।

दोपहिया वाहन: 50 रुपये

हल्के मोटर वाहन: 100 रुपये

भारी मोटर वाहन: 150 रुपये

यह राशि संबंधित प्रत्यायन चालन प्रशिक्षण केंद्र (ADTC) के संचालक के खाते में जाएगी। हालांकि, इन दरों को लागू करने से पहले आधिकारिक आदेश की पुष्टि करना जरूरी है।

ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने की सरकारी फीस कितनी है?

वर्तमान में लर्नर ड्राइविंग लाइसेंस के लिए 350 रुपये और स्थायी लाइसेंस के लिए 1,000 रुपये सरकारी शुल्क बताया गया है। इस तरह कुल खर्च 1,350 रुपये होता है। प्रस्तावित ट्रैक शुल्क लागू होने पर आवेदकों का खर्च कुछ और बढ़ सकता है।

दो बार टेस्ट में फेल हुए तो क्या होगा?

जानकारी के मुताबिक, ड्राइविंग टेस्ट में असफल होने वाले अभ्यर्थियों को सात दिन बाद दोबारा परीक्षा देने का मौका मिलता है। इसके लिए नया स्लॉट बुक करना होता है। यदि कोई आवेदक दो बार टेस्ट में असफल हो जाता है, तो उसे ADTC से ड्राइविंग प्रशिक्षण लेना अनिवार्य होगा। इसके लिए 6,000 रुपये शुल्क निर्धारित बताया गया है।

किन जिलों में हैं प्रशिक्षण केंद्र?

परिवहन विभाग ने सड़क सुरक्षा और बेहतर ड्राइविंग प्रशिक्षण को बढ़ावा देने के लिए प्रदेश के 20 जिलों में कुल 32 ADTC केंद्र स्थापित किए हैं। इन केंद्रों पर ड्राइविंग टेस्ट के लिए विशेष ट्रैक बनाए गए हैं। नई व्यवस्था लागू होने पर इन केंद्रों पर परीक्षा देने वाले आवेदकों को निर्धारित यूजर चार्ज देना पड़ सकता है।

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