क्या है सुकन्या समृद्धि योजना?
सुकन्या समृद्धि योजना (SSY) केंद्र सरकार की छोटी बचत योजनाओं में शामिल है। इसे खास तौर पर बालिकाओं के भविष्य को आर्थिक रूप से सुरक्षित बनाने के उद्देश्य से शुरू किया गया था। इस खाते को माता-पिता या कानूनी अभिभावक अपनी बेटी के नाम पर खुलवा सकते हैं।
इस योजना में खाता खोलने के लिए बच्ची की उम्र 10 वर्ष से कम होनी चाहिए। एक बार खाता खुल जाने के बाद निर्धारित नियमों के अनुसार उसमें नियमित रूप से पैसा जमा किया जा सकता है। लंबे समय तक बचत करने से बेटी के बड़े होने पर शिक्षा और अन्य जरूरी खर्चों के लिए एक अच्छी रकम तैयार करने में मदद मिल सकती है।
महज 250 रुपये से शुरू कर सकते हैं निवेश
सुकन्या समृद्धि योजना की एक खासियत यह है कि इसमें बहुत छोटी रकम से बचत की शुरुआत की जा सकती है। खाते में एक वित्तीय वर्ष के दौरान कम से कम 250 रुपये जमा करना जरूरी है। वहीं, एक साल में अधिकतम 1.5 लाख रुपये तक जमा किए जा सकते हैं।
इसका मतलब है कि माता-पिता अपनी आर्थिक स्थिति के अनुसार निवेश की योजना बना सकते हैं। अगर कोई परिवार हर महीने थोड़ी-थोड़ी बचत करना चाहता है, तो वह अपनी सुविधा के अनुसार राशि जमा कर सकता है। हालांकि, खाते को सक्रिय बनाए रखने के लिए निर्धारित न्यूनतम सालाना जमा की शर्त पूरी करनी होती है।
सुकन्या समृद्धि योजना में कितना मिलता है ब्याज?
इस योजना में मिलने वाली ब्याज दर सरकार द्वारा समय-समय पर निर्धारित की जाती है। आपके दिए गए विवरण के अनुसार ब्याज दर 8.2 प्रतिशत सालाना बताई गई है। हालांकि, यह दर हर वित्तीय तिमाही में बदल सकती है, इसलिए खाता खोलने या निवेश करने से पहले डाकघर अथवा अधिकृत बैंक से वर्तमान दर की पुष्टि जरूर करें।
खाते में ब्याज की गणना निर्धारित नियमों के अनुसार होती है और वित्तीय वर्ष के अंत में ब्याज राशि खाते में जोड़ दी जाती है। लंबी अवधि तक निवेश बनाए रखने से ब्याज पर ब्याज का लाभ मिल सकता है, जिससे समय के साथ बचत बढ़ने की संभावना रहती है।
कितने साल तक जमा करना होगा पैसा?
सुकन्या समृद्धि योजना में खाता खोलने की तारीख से 15 साल तक पैसा जमा किया जा सकता है। वहीं, खाते की परिपक्वता अवधि खाता खुलने के 21 साल बाद पूरी होती है। इस प्रकार, निवेश की अवधि और खाते के मैच्योर होने की अवधि अलग-अलग हैं।
उदाहरण के तौर पर, अगर किसी बच्ची के नाम पर कम उम्र में खाता खोला जाता है, तो माता-पिता उसके शुरुआती वर्षों में नियमित बचत कर सकते हैं। इसके बाद भी खाता निर्धारित परिपक्वता अवधि तक नियमों के अनुसार ब्याज अर्जित कर सकता है।

0 comments:
Post a Comment