हर साल मिलेंगे 60 हजार रुपये
योजना के तहत पहले विद्यार्थियों को हर महीने 3,000 रुपये यानी सालाना 36 हजार रुपये मिलते थे। अब मासिक सहायता बढ़ाकर 5,000 रुपये कर दी गई है। इस तरह चयनित विद्यार्थियों को एक साल में 24 हजार रुपये अतिरिक्त मिलेंगे, जिससे पढ़ाई और अन्य जरूरी खर्चों में मदद मिल सकेगी।
छात्रवृत्ति की सीटें हुईं दोगुनी
सरकार ने योजना के तहत छात्रवृत्ति की निर्धारित संख्या 1,410 से बढ़ाकर 2,820 कर दी है। कृषि विश्वविद्यालयों, संस्थानों और महाविद्यालयों में अधिक विद्यार्थियों को शामिल करने की व्यवस्था की गई है। इससे किसान और खेतिहर मजदूर परिवारों के मेधावी बच्चों को उच्च शिक्षा हासिल करने का बेहतर अवसर मिल सकता है।
किन विद्यार्थियों को मिलेगा लाभ?
मुख्यमंत्री कृषक छात्रवृत्ति योजना का लाभ उत्तर प्रदेश के पात्र किसान और खेतिहर मजदूर परिवारों के बच्चों को दिया जाता है। इसके लिए विद्यार्थियों को निर्धारित शैक्षणिक योग्यता पूरी करनी होती है। स्नातक पाठ्यक्रमों में यूपी बोर्ड से इंटरमीडिएट में कम से कम 70 प्रतिशत और अन्य बोर्ड से 85 प्रतिशत अंक निर्धारित हैं। वहीं, स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों के लिए स्नातक स्तर पर न्यूनतम 70 प्रतिशत अंक की शर्त है। चयन पात्रता और मेरिट के आधार पर किया जाता है।
कृषि शिक्षा को मिलेगा बढ़ावा
इस पहल से कृषि, उद्यानिकी, वानिकी और पशुपालन जैसे क्षेत्रों में पढ़ाई करने वाले युवाओं को आर्थिक सहारा मिलने की उम्मीद है। छात्रवृत्ति की राशि और सीटें बढ़ने से आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों पर शिक्षा का बोझ कम हो सकता है। साथ ही, प्रदेश में कृषि से जुड़े नए ज्ञान, तकनीक और उद्यमिता को बढ़ावा देने में भी मदद मिलेगी।
.png)
0 comments:
Post a Comment