प्रति व्यक्ति GDP में हुआ सुधार
किम के साझा किए गए आंकड़ों के अनुसार, 2025 में भारत की प्रति व्यक्ति GDP करीब 2,702 डॉलर रही। क्रय शक्ति समता (PPP) के आधार पर यह आंकड़ा लगभग 11,784 डॉलर था। उनके मुताबिक, 1990 के मुकाबले भारत की आर्थिक स्थिति में काफी सुधार हुआ है और मध्यम आय वाले देशों के औसत के साथ अंतर भी कम हुआ है।
अमीर देशों के करीब पहुंच रहा
अर्थशास्त्री के अनुसार, 1990 में भारत की प्रति व्यक्ति GDP उच्च आय वाले देशों के औसत का करीब 6 प्रतिशत थी, जो 2025 तक बढ़कर लगभग 17 प्रतिशत हो गई। हालांकि, भारत अभी भी अमीर देशों से काफी पीछे है, लेकिन लंबे समय में हुई प्रगति को उन्होंने महत्वपूर्ण बताया।
गरीबी में आई बड़ी गिरावट
भारत की आर्थिक प्रगति का एक अहम पहलू गरीबी में कमी आना भी है। साझा किए गए आंकड़ों के मुताबिक, 4.40 डॉलर प्रतिदिन की गरीबी रेखा पर भारत की गरीबी दर 2004 में लगभग 73 प्रतिशत थी, जो 2023 में घटकर करीब 14 प्रतिशत रह गई।
आगे भी बनी रहेंगी चुनौतियां
अर्थशास्त्री ने भारत की विकास दर और भविष्य की संभावनाओं को सकारात्मक बताया, लेकिन यह भी माना कि देश के सामने अभी कई चुनौतियां हैं। कुल मिलाकर, बढ़ती प्रति व्यक्ति आय और गरीबी में गिरावट भारतीय अर्थव्यवस्था में आए बदलावों को दर्शाती हैं। हालांकि, अमीर देशों के जीवन स्तर तक पहुंचने के लिए भारत को अभी लंबा रास्ता तय करना है।
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