पहली खुशखबरी: दोगुनी हुई छात्रवृत्ति की सीटें
मंडी परिषद की संशोधित व्यवस्था के अनुसार, प्रत्येक कृषि विश्वविद्यालय और कृषि संस्थान में छात्रवृत्ति पाने वाले विद्यार्थियों की संख्या 45 से बढ़ाकर 90 कर दी गई है। वहीं, प्रत्येक कृषि महाविद्यालय में अब 15 के बजाय 30 विद्यार्थियों को इसका लाभ मिलेगा। इस बदलाव के बाद कुल निर्धारित सीटें 1,410 से बढ़कर 2,820 हो गई हैं।
दूसरी खुशखबरी: अब सालाना मिलेंगे 60 हजार
योजना के तहत पहले पात्र विद्यार्थियों को हर महीने 3,000 रुपये यानी सालाना 36,000 रुपये की छात्रवृत्ति मिलती थी। अब मासिक सहायता बढ़ाकर 5,000 रुपये कर दी गई है। इस तरह विद्यार्थियों को सालाना 60,000 रुपये मिलेंगे, जो पहले से 24,000 रुपये अधिक हैं।
किन विद्यार्थियों को मिलेगा लाभ?
यह योजना उत्तर प्रदेश के निवासी किसानों और खेतिहर मजदूरों के मेधावी बेटे-बेटियों के लिए है। कृषि विश्वविद्यालयों, कृषि संस्थानों और कृषि महाविद्यालयों में निर्धारित पाठ्यक्रमों के तहत पढ़ने वाले पात्र विद्यार्थी इसका लाभ उठा सकते हैं। चयन मेरिट और योजना की निर्धारित शर्तों के आधार पर किया जाएगा।
अब ज्यादा छात्रों को मौका
मंडी परिषद के अनुसार, वित्तीय वर्ष 2017-18 से 2025-26 तक इस योजना के तहत 6,454 विद्यार्थियों को करीब 22.90 करोड़ रुपये की छात्रवृत्ति दी जा चुकी है। सीटों और सहायता राशि में बढ़ोतरी से अब अधिक प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को अपनी पढ़ाई जारी रखने और कृषि क्षेत्र में करियर बनाने का अवसर मिल सकेगा।

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