7 जिलों को मिलेगा फायदा
आपको बता दें की यह प्रस्तावित एक्सप्रेसवे पटना, वैशाली, समस्तीपुर, सहरसा, दरभंगा, मधेपुरा और पूर्णिया जिलों को बेहतर सड़क संपर्क उपलब्ध कराएगा। इससे यात्रियों के साथ-साथ व्यापार और माल ढुलाई को भी फायदा मिल सकता है।
पूर्णिया में 37 गांवों की जमीन
परियोजना के लिए पूर्णिया जिले के 37 गांवों में करीब 2,600 भूखंड चिह्नित किए गए हैं। जमीन अधिग्रहण से जुड़ा प्रारंभिक गजट प्रकाशित होने और संयुक्त मापी सर्वे पूरा होने की जानकारी दी गई है। अब आगे की प्रक्रिया के तहत अन्य औपचारिकताएं पूरी की जानी हैं।
2028 तक पूरा करने का लक्ष्य
इस एक्सप्रेसवे में बड़े और छोटे पुलों, इंटरचेंज, अंडरपास तथा रेलवे ओवरब्रिज जैसी सुविधाएं प्रस्तावित हैं। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) का लक्ष्य परियोजना को 2028 तक पूरा करना बताया गया है।
दरअसल, पटना-पूर्णिया एक्सप्रेसवे बिहार के सात जिलों की कनेक्टिविटी को मजबूत करने वाली अहम परियोजना साबित हो सकता है। इसके पूरा होने से सफर आसान होने के साथ क्षेत्रीय कारोबार और विकास को भी गति मिलने की उम्मीद है। हालांकि, निर्माण और जमीन अधिग्रहण की प्रगति के अनुसार परियोजना की समयसीमा में बदलाव संभव है।
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