पटना जंक्शन पर कम होगा ट्रेनों का दबाव
नई रेल लाइन का सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि मालगाड़ियां पटना जंक्शन से गुजरे बिना वैकल्पिक मार्ग से आगे बढ़ सकेंगी। इससे दानापुर-पटना-किऊल रेलखंड पर दबाव कम होने और यात्री ट्रेनों के परिचालन में सुधार की उम्मीद है। साथ ही, भविष्य में नई यात्री ट्रेनें चलाने के लिए भी ट्रैक क्षमता उपलब्ध हो सकती है।
इन इलाकों को मिलेगा फायदा
प्रस्तावित मालगाड़ी मार्ग नेउरा, जतदमरी, दनियावां, बिहारशरीफ, बरबीघा, शेखपुरा और किऊल को जोड़ता है। इससे पटना के आसपास के रेल नेटवर्क के साथ-साथ इन इलाकों में माल परिवहन को भी सुविधा मिलने की उम्मीद है।
नए स्टेशन और आधुनिक ढांचा तैयार
नेउरा-जतदमरी सेक्शन पर गोनपुर स्टेशन के अलावा अधपा, चमचम और वाजिदपुर हॉल्ट बनाए गए हैं। इस रेलखंड पर पुल, रोड अंडरब्रिज, रोड ओवरब्रिज और अन्य इंजीनियरिंग संरचनाएं भी तैयार की गई हैं। यह परियोजना दो चरणों में विकसित की गई है।
पहले चरण में जतदमरी-दनियावां सेक्शन पर परिचालन शुरू हो चुका है, जबकि अब दूसरे चरण के 20 किलोमीटर लंबे नेउरा-जतदमरी हिस्से को सुरक्षा मंजूरी मिली है। नई लाइन के पूरी तरह चालू होने से मालगाड़ियों के लिए वैकल्पिक रास्ता उपलब्ध होगा। इससे पटना के व्यस्त रेल मार्ग पर दबाव घटाने और यात्री ट्रेनों की आवाजाही को अधिक सुचारु बनाने में मदद मिल सकती है।

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