मुख्य सचिव एसपी गोयल ने डिजिटल जीवन प्रमाणपत्र अभियान की समीक्षा के दौरान इस सुविधा के बारे में जानकारी दी। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि अधिक से अधिक पेंशनभोगियों तक इस तकनीक की जानकारी पहुंचाई जाए, ताकि वे आसानी से इसका लाभ उठा सकें।
स्मार्टफोन से पूरा होगा काम
डिजिटल जीवन प्रमाणपत्र जमा करने के लिए पेंशनभोगियों को अपने स्मार्टफोन में जीवन प्रमाण और आधार फेस आरडी ऐप डाउनलोड करना होगा। आधार आधारित फेस ऑथेंटिकेशन के जरिए पहचान सत्यापित करके जीवन प्रमाणपत्र जमा किया जा सकता है। इससे खासकर उन बुजुर्गों को सुविधा मिलेगी, जिन्हें कार्यालय तक पहुंचने में परेशानी होती है।
नवंबर में लगाए जाएंगे विशेष शिविर
मुख्य सचिव ने अभियान के व्यापक प्रचार-प्रसार और जनजागरूकता पर जोर दिया है। अधिकारियों से कहा गया है कि विशेष रूप से उन पेंशनभोगियों तक पहुंच बनाई जाए, जो अभी भी मैन्युअल तरीके से जीवन प्रमाणपत्र जमा करते हैं।
इसके लिए 1 नवंबर से 30 नवंबर तक विशेष शिविर आयोजित किए जाएंगे। इन शिविरों के जरिए पेंशनधारियों को डिजिटल प्रक्रिया की जानकारी देने और सुविधा का लाभ उठाने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। इस पहल से पेंशनभोगियों के लिए जीवन प्रमाणपत्र जमा करने की प्रक्रिया आसान हो सकती है और उन्हें अनावश्यक भागदौड़ से राहत मिलेगी।

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