केंद्र सरकार का बड़ा फैसला, अब ये बैंक हो गया प्राइवेट? जानें पूरी डिटेल

नई दिल्ली। बैंकिंग सेक्टर में बड़ा बदलाव होने जा रहा है। केंद्र सरकार ने IDBI बैंक के निजीकरण की दिशा में अहम कदम उठाते हुए इसकी बड़ी हिस्सेदारी बेचने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। करीब 52,878 करोड़ रुपये के इस सौदे के बाद बैंक का नियंत्रण नए निवेशक के पास जा सकता है। इस फैसले को देश के वित्तीय क्षेत्र में बड़े निवेश के तौर पर देखा जा रहा है।

नए निवेशक के पास होगी 60.72% हिस्सेदारी

प्रस्ताव के मुताबिक, IDBI बैंक की 60.72 प्रतिशत हिस्सेदारी Canada Inc को बेची जाएगी। इस सौदे के जरिए बैंक में नया रणनीतिक भागीदार शामिल होगा। सरकार का मानना है कि नए निवेशक की भागीदारी से बैंक को अतिरिक्त पूंजी मिल सकेगी और उसकी कारोबारी गतिविधियों को आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी।

सरकार और LIC के पास भी रहेगी हिस्सेदारी

इस सौदे के बाद केंद्र सरकार और भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) की बैंक में हिस्सेदारी बनी रहेगी। दी गई जानकारी के अनुसार, सरकार के पास 15 प्रतिशत और LIC के पास करीब 19 प्रतिशत हिस्सेदारी बचने की बात कही गई है। इस तरह दोनों की संयुक्त हिस्सेदारी 34 प्रतिशत होगी।

तीन साल तक नहीं बदलेगा बैंक का नाम

निजीकरण की प्रक्रिया आगे बढ़ने के बावजूद IDBI बैंक के नाम में तत्काल बदलाव नहीं किया जाएगा। जानकारी के मुताबिक, अगले तीन वर्षों तक बैंक का मौजूदा नाम बरकरार रहेगा। इससे ग्राहकों को फिलहाल बैंक की पहचान में किसी बड़े बदलाव का सामना नहीं करना पड़ेगा।

बैंक में आएगी नई पूंजी

केंद्र सरकार के इस फैसले के तहत रणनीतिक भागीदार बैंक में नई पूंजी लगाने में मदद करेगा। इससे बैंक की वित्तीय स्थिति और भविष्य की योजनाओं को मजबूती मिलने की उम्मीद है। इस सौदे को भारत के वित्तीय सेवा क्षेत्र में बड़े विदेशी निवेश के अवसर के रूप में भी देखा जा रहा है।

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