केंद्र सरकार का तोहफा: बिहार को मिले 10,219 करोड़ रुपये!

पटना। विजयादशमी के दिन बिहार को केंद्र सरकार की ओर से एक महत्वपूर्ण आर्थिक सौगात मिली है। केंद्रीय करों में हिस्सेदारी के तहत 10,219 करोड़ रुपये की राशि राज्य को अग्रिम रूप में जारी की गई है। यह कदम न केवल राज्य की वित्तीय स्थिति को मजबूत करेगा, बल्कि आगामी त्योहारों और विकास कार्यों के लिए भी यह एक बड़ी राहत के रूप में देखा जा रहा है।

क्या है यह राशि और क्यों दी गई?

भारत सरकार हर साल अपने कर संग्रहण में राज्यों को एक निश्चित अनुपात में हिस्सा देती है। इस प्रक्रिया को "केंद्रीय करों में राज्यों की हिस्सेदारी" कहा जाता है। आमतौर पर ये किस्तें हर महीने जारी की जाती हैं, लेकिन इस बार केंद्र ने अग्रिम रूप में यह राशि जारी की है।

बिहार के लिए क्या है महत्व?

बिहार जैसे विकासशील राज्य के लिए यह 10,219 करोड़ रुपये की अग्रिम राशि काफी अहम है। इससे विकास परियोजनाओं में तेजी लाई जा सकेगी। कर्मचारियों को वेतन और पेंशन देने में मदद मिलेगी। पथ निर्माण, स्वास्थ्य, शिक्षा और ग्रामीण विकास जैसी योजनाओं को निरंतरता मिलेगी। त्योहारी मांग को देखते हुए बाजारों में नकदी प्रवाह बढ़ेगा, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को बल मिलेगा।

बिहार को पूरे वित्तीय वर्ष में कितना मिलना है?

वित्त वर्ष 2025-26 के लिए बिहार को कुल 1.44 लाख करोड़ रुपये केंद्रीय करों में हिस्सेदारी के रूप में मिलने हैं। यह राशि हर महीने किस्तों में राज्य को दी जाती है। अभी जो राशि मिली है वह अक्टूबर किस्त से पहले दी गई अग्रिम राशि है।

बिहार के उप मुख्यमंत्री ने केंद्र को जताया आभार

बिहार के उप मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व में ट्विटर) पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार के प्रति आभार प्रकट किया। उन्होंने इसे जीएसटी सुधार और बेहतर कर संग्रहण प्रणाली का नतीजा बताया, जिससे राज्यों को समय पर और बड़ी राशि मिल रही है।

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