आयोग पूरी तरह सक्रिय
आठवें वेतन आयोग का गठन पहले ही किया जा चुका है। 3 नवंबर 2025 को इसका आधिकारिक नोटिफिकेशन जारी हुआ था और चेयरपर्सन व सदस्यों की नियुक्ति भी पूरी कर दी गई है। इसका मतलब है कि आयोग अब पूरी तरह सक्रिय है और सैलरी-पेंशन से जुड़े सभी पहलुओं की समीक्षा करने में जुटा हुआ है।
सैलरी, पेंशन और भत्तों पर मुख्य फोकस
सरकार ने स्पष्ट किया है कि आठवें वेतन आयोग का मुख्य काम केंद्रीय कर्मचारियों की सैलरी, भत्तों और पेंशन स्ट्रक्चर की समीक्षा करना है। बेसिक पे, डीए, प्रमोशन पैटर्न, पेंशन और अन्य सुविधाओं में बदलाव की सिफारिशें इसी आयोग के जरिए होंगी।
सुझाव देने की प्रक्रिया
सरकार ने कर्मचारियों और हितधारकों से सुझाव लेने की प्रक्रिया को भी बढ़ा दिया है। आठवें वेतन आयोग के 18-पॉइंट वाले प्रश्नावली पर सुझाव देने की अंतिम तारीख 31 मार्च 2026 कर दी गई है। सभी सुझाव MyGov पोर्टल के माध्यम से ही स्वीकार किए जाएंगे।
कर्मचारियों की प्रमुख मांगें
कर्मचारी संगठनों ने आयोग के सामने कई बड़ी मांगें रख दी हैं, जिनमें शामिल हैं:
फिटमेंट फैक्टर को 3.0 से बढ़ाकर 3.25 करना
न्यूनतम वेतन लगभग ₹57,000 करना
पुरानी पेंशन योजना (OPS) को बहाल करना
सालाना इंक्रीमेंट को 3% से बढ़ाकर 6–7% करना
डीए को बेसिक में जोड़ना और प्रमोशन के अवसर बढ़ाना
अगर इन मांगों का कुछ हिस्सा भी मान लिया जाता है, तो लाखों कर्मचारियों और पेंशनर्स की आमदनी में बड़ा इजाफा हो सकता है।

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