1 जनवरी 2024 से लागू होगा फैसला
रेल मंत्रालय द्वारा जारी आदेश के अनुसार, KMA में यह बढ़ोतरी 1 जनवरी 2024 से लागू मानी जाएगी। इसका मतलब है कि कर्मचारियों को अब तक का बकाया यानी करीब दो साल का एरियर एकमुश्त मिल सकता है। माना जा रहा है कि अप्रैल 2026 से बढ़ा हुआ भुगतान मिलना शुरू हो जाएगा।
क्या होता है KMA?
किलोमीट्रेज अलाउंस (KMA) उन कर्मचारियों को दिया जाता है, जो ट्रेन संचालन से जुड़े होते हैं और नियमित यात्रा करते हैं। चूंकि इन कर्मचारियों को सामान्य TA/DA नहीं मिलता, इसलिए उनकी मेहनत और यात्रा के आधार पर प्रति किलोमीटर भुगतान किया जाता है।
किन कर्मचारियों को मिलेगा फायदा?
इस फैसले का लाभ खासतौर पर लोको पायलट, असिस्टेंट लोको पायलट, शंटिंग स्टाफ और गार्ड (ट्रेन मैनेजर) को मिलेगा। ये सभी कर्मचारी लंबी दूरी और अनियमित समय में काम करते हैं, इसलिए KMA उनकी आय का अहम हिस्सा होता है।
कितना बढ़ा अलाउंस?
नई दरों के अनुसार, लोको पायलट (मेल) का KMA 550 रुपये से बढ़कर 606 रुपये प्रति 100 किलोमीटर हो गया है। इसी तरह अन्य श्रेणियों में भी अलाउंस में उल्लेखनीय वृद्धि की गई है। गार्ड और अन्य रनिंग स्टाफ को भी नए रेट के अनुसार ज्यादा भुगतान मिलेगा।
सैलरी पर कितना असर पड़ेगा?
उदाहरण के तौर पर, यदि किसी गार्ड की बेसिक सैलरी 40,000 रुपये है और वह महीने में औसतन 24 दिन यात्रा करता है, तो केवल KMA के जरिए उसे 50,000 रुपये से अधिक अतिरिक्त आय मिल सकती है। यानी कुल सैलरी में बड़ा इजाफा देखने को मिलेगा।
क्यों जरूरी है यह बढ़ोतरी?
रेलवे का रनिंग स्टाफ कठिन परिस्थितियों में लगातार काम करता है। लंबी दूरी की यात्रा, अनियमित ड्यूटी और जिम्मेदारी भरे कार्य के कारण उन्हें अतिरिक्त प्रोत्साहन की जरूरत होती है। KMA इसी का एक अहम हिस्सा है, जो उनकी मेहनत के अनुसार उन्हें आर्थिक लाभ देता है।

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