राज्य स्वास्थ्य समिति बिहार ने इस पूरी प्रक्रिया की तैयारियां लगभग पूरी कर ली हैं। सभी जिलों से अस्पतालवार रिक्त पदों की सूची भी प्राप्त कर ली गई है, जिससे तैनाती का रास्ता साफ हो गया है।
न्यायालय के फैसले का इंतजार
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, नियुक्ति से जुड़ा एक मामला फिलहाल उच्च न्यायालय में लंबित है। माना जा रहा है कि अगले दो-तीन दिनों में इस पर फैसला आ सकता है। न्यायालय के निर्णय के बाद ही अभ्यर्थियों को अस्पताल आवंटित करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
मेधा सूची तैयार, जल्द होगा आवंटन
भर्ती प्रक्रिया के तहत अभ्यर्थियों की अंतिम मेधा सूची तैयार कर ली गई है। चयनित उम्मीदवारों को उनके द्वारा दिए गए विकल्पों और रैंक के आधार पर जिलों के विभिन्न अस्पतालों में पदस्थापित किया जाएगा। यह नियुक्ति राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत संविदा आधारित पदों पर की जा रही है, जिसका उद्देश्य ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाना है।
परीक्षा प्रक्रिया पहले ही हो चुकी
इन पदों के लिए दिसंबर 2025 में राज्यभर के विभिन्न केंद्रों पर कंप्यूटर आधारित परीक्षा आयोजित की गई थी। परीक्षा के बाद अब पूरी प्रक्रिया अंतिम चरण में पहुंच चुकी है और अभ्यर्थियों को नियुक्ति का इंतजार है।
स्वास्थ्य सेवाओं को मिलेगा मजबूती
दरअसल, बड़ी संख्या में एएनएम की तैनाती से प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों और जिला अस्पतालों में मरीजों को बेहतर सेवाएं मिलेंगी। खासकर मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार होने की उम्मीद जताई जा रही है।

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