फील्ड में उतरेंगे अधिकारी
मुख्यमंत्री ने सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे खुद मैदान में उतरकर स्थिति का जायजा लें। उन्होंने जोर दिया कि फसल नुकसान का आकलन केवल कागजों पर नहीं, बल्कि वास्तविक हालात के आधार पर किया जाए, ताकि सही रिपोर्ट तैयार हो सके और किसानों को उचित मदद मिल सके।
त्वरित आकलन और तुरंत राहत
सरकार का फोकस इस बात पर है कि नुकसान का आकलन तेजी से पूरा किया जाए और उसके तुरंत बाद राहत वितरण शुरू हो। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि जैसे ही रिपोर्ट मिले, मुआवजे की प्रक्रिया में देरी नहीं होनी चाहिए।
राहत कार्यों में समन्वय पर जोर
मुख्यमंत्री ने राहत आयुक्त को भी निर्देश दिए हैं कि वे फील्ड में काम कर रहे अधिकारियों के साथ लगातार संपर्क बनाए रखें। सभी जिलों से समय पर जानकारी जुटाकर शासन को भेजी जाए, ताकि राहत कार्यों में किसी तरह की रुकावट न आए।
पारदर्शी और समयबद्ध भुगतान
सरकार ने यह भी सुनिश्चित करने को कहा है कि मुआवजा वितरण पूरी तरह पारदर्शी और समयबद्ध हो। किसानों को राहत राशि सीधे और जल्दी मिले, इसके लिए प्रशासन को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं।
किसानों के साथ सरकार
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भरोसा दिलाया है कि प्रदेश सरकार हर परिस्थिति में किसानों के साथ खड़ी है। उन्होंने अधिकारियों से संवेदनशीलता के साथ काम करने को कहा, ताकि किसी भी किसान को अनावश्यक परेशानी न उठानी पड़े।

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