बता दें की यह घोषणा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा विधानसभा में की गई थी, जिसके बाद अब इसके क्रियान्वयन के लिए बजट भी जारी कर दिया गया है। सरकार ने इस योजना के लिए अतिरिक्त धनराशि उपलब्ध कराते हुए कुल 2223 करोड़ रुपये से अधिक का प्रावधान किया है। नई वेतन दरें अप्रैल 2025 से लागू मानी जाएंगी।
वेतन में बड़ा इजाफा
नई व्यवस्था के तहत विभिन्न पदों के लिए न्यूनतम वेतन तय कर दिया गया है।
चपरासी और चौकीदार का वेतन लगभग ₹10,000 से बढ़ाकर ₹18,000
डाटा एंट्री ऑपरेटर और कंप्यूटर सहायक का वेतन ₹14,000 से बढ़ाकर ₹23,000
शिक्षण कार्य से जुड़े कर्मचारियों को ₹25,000 तक मानदेय
डॉक्टरों के लिए वेतन ₹40,000 तक निर्धारित
इस बढ़ोतरी से कर्मचारियों की आय में सीधा सुधार होगा और उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत होगी।
सामाजिक सुरक्षा का दायरा बढ़ा
सरकार ने सिर्फ वेतन ही नहीं बढ़ाया, बल्कि कर्मचारियों को सामाजिक सुरक्षा के दायरे में भी लाया है। अब उन्हें 13% EPF (कर्मचारी भविष्य निधि), 3.25% ESI (स्वास्थ्य बीमा) का लाभ भी मिलेगा, जिससे भविष्य और स्वास्थ्य दोनों की सुरक्षा सुनिश्चित होगी।
नई भर्ती व्यवस्था लागू
राज्य सरकार ने भर्ती प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए उत्तर प्रदेश आउटसोर्स सेवा निगम (UPCOS) का गठन किया है। अब सभी आउटसोर्सिंग भर्तियां इसी निगम के माध्यम से की जाएंगी। पहले निजी एजेंसियों के जरिए नियुक्ति होने के कारण वेतन में देरी और शोषण की शिकायतें आती थीं, लेकिन नई व्यवस्था से इन समस्याओं पर रोक लगने की उम्मीद है।
आरक्षण का भी मिलेगा लाभ
नई भर्ती प्रणाली में आरक्षण व्यवस्था को भी लागू किया गया है। इसके तहत
अनुसूचित जाति (SC) – 21%
अनुसूचित जनजाति (ST) – 2%
अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) – 27%
आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) – 10% का प्रावधान किया गया है।
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