बंगाल चुनाव में मोदी फैक्टर का जलवा? सर्वे ने बदल दी तस्वीर!

कोलकाता। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 को लेकर राजनीतिक माहौल तेजी से गर्म हो रहा है। ओपिनियन पोल के ताजा आंकड़े बताते हैं कि इस बार मुकाबला काफी कड़ा और सीधा होने वाला है। एक तरफ मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की अगुवाई वाली तृणमूल कांग्रेस (TMC) है, तो दूसरी ओर नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारतीय जनता पार्टी (BJP) पूरी ताकत झोंक रही है।

चुनावी तस्वीर और संभावनाएं

कई रिपोर्ट और सर्वे के मुताबिक, फिलहाल टीएमसी को बढ़त मिलती दिखाई दे रही है, लेकिन भाजपा की स्थिति भी पहले के मुकाबले मजबूत होती नजर आ रही है। कई अनुमान यह संकेत दे रहे हैं कि भाजपा सीटों की संख्या में बड़ा उछाल ला सकती है, जिससे मुकाबला बेहद रोमांचक बन गया है।

राज्य में मतदान दो चरणों में 23 और 29 अप्रैल 2026 को होगा, जबकि नतीजे 4 मई को सामने आएंगे। ऐसे में दोनों प्रमुख दलों ने चुनावी रणनीति को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है।

मोदी फैक्टर बनाम ममता की रणनीति

इस चुनाव में सबसे बड़ा सवाल “मोदी फैक्टर” का है। भाजपा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के नेतृत्व में आक्रामक प्रचार कर रही है। पार्टी घुसपैठ, भ्रष्टाचार और “डबल इंजन सरकार” जैसे मुद्दों को प्रमुखता से उठा रही है।

वहीं, ममता बनर्जी अपनी सरकार की कल्याणकारी योजनाओं और “बंगाली पहचान” के मुद्दे को आगे रखकर जनता का समर्थन बनाए रखने की कोशिश कर रही हैं। उनका लक्ष्य एक बार फिर सत्ता में वापसी करना है। लेकिन, लंबे समय से सत्ता में रहने के कारण टीएमसी को कुछ इलाकों में विरोध का सामना करना पड़ सकता है।

क्या कहता है सर्वे और ओपेनियन पोल?

ओपिनियन पोल के अनुसार, अभी टीएमसी थोड़ी बढ़त बनाए हुए है, लेकिन भाजपा भी कड़ी टक्कर दे रही है। “मोदी फैक्टर” के चलते मुकाबला पूरी तरह खुला हुआ है और किसी भी पक्ष के पक्ष में झुक सकता है। मोदी फैक्टर के कारण मुकाबला बेहद करीबी (Edge-of-the-seat) बना हुआ है।

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