संकट ईरान में, फायदा रूस को: तेल आय में आया रिकॉर्ड उछाल

नई दिल्ली। मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव और ऊर्जा आपूर्ति पर गहराते संकट के बीच रूस की तेल आय में जबरदस्त उछाल देखने को मिला है। अंतरराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्ट्स और बाजार अनुमानों के अनुसार, रूस की प्रमुख तेल कर आय अप्रैल में लगभग दोगुनी होकर रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच सकती है। यह वृद्धि वैश्विक तेल बाजार में अस्थिरता और आपूर्ति बाधाओं का सीधा नतीजा मानी जा रही है।

रूस की तेल आय में तेज बढ़ोतरी

रिपोर्ट्स के अनुसार, रूस की तेल और गैस से मिलने वाली प्रमुख कर आय खनिज निष्कर्षण कर (MET) में अप्रत्याशित वृद्धि दर्ज की गई है। अनुमान है कि अप्रैल में यह आय लगभग 9 अरब डॉलर या करीब 700 अरब रूबल तक पहुंच सकती है। तुलना करें तो यह मार्च के मुकाबले लगभग दोगुना है, जब यह आंकड़ा करीब 327 अरब रूबल था।

तेल की कीमतों में उछाल बड़ा कारण

रूस के प्रमुख कच्चे तेल यूराल क्रूड की कीमतों में भी तेज बढ़ोतरी दर्ज की गई है। हाल के महीनों में इसकी औसत कीमत 70 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर चली गई, जो पिछले कई महीनों के मुकाबले काफी अधिक है। कीमतों में यह वृद्धि रूस के राजस्व को सीधे प्रभावित कर रही है।

वैश्विक मांग और रूस की भूमिका

ऊर्जा संकट के बीच कई देश वैकल्पिक आपूर्ति स्रोतों की तलाश में रूस की ओर भी रुख कर रहे हैं। इससे रूस की ऊर्जा निर्यात क्षमता और राजस्व दोनों को समर्थन मिला है। हालांकि वर्तमान में रूस को ऊर्जा संकट का लाभ मिल रहा है, लेकिन आर्थिक विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले समय में स्थिति कठिन हो सकती है। वैश्विक प्रतिबंध, कीमतों में उतार-चढ़ाव और बजट घाटा रूस की अर्थव्यवस्था के लिए चुनौती बने रह सकते हैं।

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