ओवरबिलिंग पर जांच के लिए बनेगी विशेषज्ञ समिति
मुख्यमंत्री ने बिजली बिलों में गड़बड़ी और ओवरबिलिंग की बढ़ती शिकायतों को देखते हुए एक विशेषज्ञ समिति गठित करने का आदेश दिया है। यह समिति जमीनी स्तर पर जांच कर वास्तविक स्थिति का पता लगाएगी और समाधान के सुझाव देगी। सीएम योगी ने स्पष्ट कहा कि यदि किसी उपभोक्ता की गलती नहीं है, तो उसका बिजली कनेक्शन किसी भी स्थिति में नहीं काटा जाना चाहिए। यह निर्देश सीधे तौर पर आम जनता को राहत देने वाला माना जा रहा है।
अधिकारियों को फील्ड में उतरने के निर्देश
ऊर्जा क्षेत्र में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए मुख्यमंत्री ने ऊर्जा मंत्री और पावर कॉरपोरेशन के प्रबंध निदेशक (MD) को खुद फील्ड में जाकर व्यवस्था का निरीक्षण करने को कहा है। उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि टोल-फ्री हेल्पलाइन 1912 को पूरी तरह सक्रिय रखा जाए और शिकायतों का निस्तारण तय समय सीमा के भीतर किया जाए।
बिजली व्यवस्था में तेजी से विस्तार
बैठक में प्रदेश की बिजली व्यवस्था के विस्तार से जुड़े कई अहम आंकड़े भी सामने आए। पिछले कुछ वर्षों में उत्तर प्रदेश में बिजली उपभोक्ताओं की संख्या में तेज वृद्धि हुई है। जहां 2017 में उपभोक्ताओं की संख्या लगभग 1.65 करोड़ थी, वहीं 2026 तक यह बढ़कर 3.71 करोड़ से अधिक हो चुकी है। इसी तरह कनेक्टेड लोड भी बढ़कर 84,000 मेगावाट से अधिक पहुंच गया है। राज्य में अब तक लाखों स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं, जिससे बिजली आपूर्ति प्रणाली को डिजिटल और पारदर्शी बनाने की कोशिश की जा रही है।
स्मार्ट मीटर और ग्रामीण विद्युतीकरण पर जोर
मुख्यमंत्री ने स्मार्ट मीटर प्रणाली को लेकर उठ रही शिकायतों को भी गंभीरता से लेते हुए उनकी जांच के निर्देश दिए हैं। साथ ही उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली पहुंचाने की प्रक्रिया को और तेज करने को कहा है। उन्होंने निर्देश दिया कि जिन छोटे गांवों या मजरों में कम से कम पांच घर हैं, वहां तक बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जाए। इसके अलावा पुराने और जर्जर तारों को बदलने, बिजली लाइनों को चरणबद्ध तरीके से भूमिगत करने और ट्रांसफार्मर बदलने की प्रक्रिया को तेज करने पर भी जोर दिया गया।

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