बिहार सरकार की बड़ी तैयारी: हर गांव तक डेयरी क्रांति, किसानों को खुशखबरी

पटना। बिहार में ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने और किसानों की आय बढ़ाने के लिए राज्य सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। भारतीय उद्योग परिसंघ (CII) के सहयोग से अब राज्य के डेयरी सेक्टर को नई दिशा देने की तैयारी शुरू हो गई है। 

सरकार का लक्ष्य है कि बिहार के डेयरी उत्पाद अंतरराष्ट्रीय बाजारों में अपनी जगह बना सकें। इसके लिए उत्पादन गुणवत्ता सुधार, ब्रांडिंग और सप्लाई चेन को मजबूत किया जाएगा। अधिकारियों का मानना है कि यह पहल आने वाले वर्षों में बिहार को डेयरी क्षेत्र में एक अग्रणी राज्य के रूप में स्थापित कर सकती है।

डेयरी ट्रांसफॉर्मेशन प्रोजेक्ट की शुरुआत

राज्य के मत्स्य, डेयरी एवं पशु संसाधन विभाग के अंतर्गत डेयरी निदेशालय और CII के बीच एक महत्वपूर्ण समझौता (MoU) हुआ है। इस साझेदारी के तहत डेयरी ट्रांसफॉर्मेशन प्रोजेक्ट को लागू किया जाएगा, जिसका उद्देश्य बिहार के डेयरी सेक्टर को संगठित और प्रतिस्पर्धी बनाना है। इस कार्यक्रम को राज्य की डेयरी विकास नीति के लिए एक बड़ा कदम माना जा रहा है।

हर गांव तक पहुंचेगा डेयरी नेटवर्क

सरकारी योजना के अनुसार राज्य के लगभग 24,248 गांवों में डेयरी कोऑपरेटिव सोसाइटी स्थापित की जाएगी। इससे ग्रामीण स्तर पर दूध संग्रहण और उत्पादन प्रणाली को मजबूत किया जाएगा। इसके साथ ही 8,053 पंचायतों में ‘सुधा केंद्र’ स्थापित करने की भी योजना है, जिससे दूध की प्रोसेसिंग और वितरण व्यवस्था बेहतर हो सकेगी।

किसानों की आय बढ़ाने पर जोर

इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य किसानों की आय में वास्तविक वृद्धि करना है। सरकार और CII मिलकर ऐसी व्यवस्था विकसित करेंगे, जिससे दूध उत्पादन बढ़े और किसानों को उनके उत्पाद का बेहतर मूल्य मिल सके। साथ ही डेयरी उत्पादों को बड़े बाजारों तक पहुंचाकर उन्हें अधिक लाभ दिलाने पर ध्यान दिया जाएगा।

आधुनिक तकनीक पर फोकस

अधिकारियों के अनुसार बिहार का डेयरी नेटवर्क अब तक सीमित क्षेत्रों तक ही पहुंचा है, लेकिन इस योजना के बाद इसका विस्तार झारखंड, पूर्वोत्तर भारत, पूर्वी उत्तर प्रदेश और दिल्ली जैसे बड़े बाजारों तक किया जाएगा। इसके लिए आधुनिक तकनीक, बेहतर मार्केटिंग रणनीति और प्रोसेसिंग क्षमता को बढ़ाने पर काम किया जाएगा।

0 comments:

Post a Comment