यूपी में चकबंदी पर फैसला, जमीन मालिकों के लिए खुशखबरी

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में भूमि व्यवस्था और राजस्व सुधारों को लेकर सरकार लगातार सक्रिय है। इसी क्रम में चकबंदी से जुड़े लंबे समय से लंबित मामलों को तेजी से निपटाने के लिए राजस्व विभाग ने बड़ा अभियान शुरू किया है। इस कदम से राज्य के हजारों जमीन मालिकों को राहत मिलने की उम्मीद है।

चकबंदी मामलों के निस्तारण के लिए विशेष अभियान

राजस्व विभाग ने निर्णय लिया है कि चकबंदी से जुड़े पुराने और लंबित मामलों का जल्द निस्तारण किया जाएगा। इसके लिए विभाग ने एक विशेष अभियान चलाकर प्रक्रिया को गति देने की तैयारी की है। इस अभियान के तहत उन गांवों पर खास ध्यान दिया जा रहा है जहां चकबंदी की प्रक्रिया लंबे समय से अधूरी पड़ी हुई है।

95 गांवों से जुड़े प्रस्ताव, 46 को मिली मंजूरी

बैठक में यह जानकारी भी सामने आई कि 95 गांवों में धारा-52(1) के तहत चकबंदी से संबंधित प्रस्ताव प्राप्त हो चुके हैं। इनमें से 46 गांवों में चकबंदी की स्वीकृति गुरुवार को जारी कर दी गई है। यह फैसला चकबंदी प्रक्रिया को आगे बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इससे उन गांवों में जमीन का पुनर्गठन और रिकॉर्ड सुधार की प्रक्रिया तेज होगी।

प्रमुख सचिव ने की समीक्षा बैठक

इस संबंध में राजस्व विभाग की प्रमुख सचिव अपर्णा यू. ने चकबंदी अधिकारियों के साथ एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक की। बैठक में उन्होंने चकबंदी की प्रगति और लंबित मामलों की स्थिति की विस्तार से समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि जिन 30 गांवों में चकबंदी की प्रक्रिया अधूरी है, वहां इसी वर्ष के भीतर इसे पूरा किया जाए। उनका कहना था कि प्रक्रिया में देरी से न केवल प्रशासनिक कार्य प्रभावित होता है, बल्कि जमीन से जुड़े विवाद भी बढ़ते हैं।

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