बिना पैसे के मिलेगी सिविल सेवा की तैयारी
इस योजना का मुख्य उद्देश्य ऐसे छात्रों को अवसर देना है जो प्रतिभाशाली तो हैं, लेकिन आर्थिक कठिनाइयों के कारण महंगी कोचिंग नहीं ले पाते। निजी संस्थानों में लाखों रुपये खर्च होने के कारण ग्रामीण और मध्यम वर्ग के कई छात्र पीछे रह जाते हैं, लेकिन अब सरकार की यह योजना उन्हें समान अवसर प्रदान कर रही है। दिल्ली और प्रयागराज जैसे शहरों में कोचिंग की भारी फीस को देखते हुए यह योजना छात्रों के लिए बड़ी राहत साबित हो रही है।
हजारों छात्रों ने कराया पंजीकरण
सरकारी आंकड़ों के अनुसार इस योजना में छात्रों का जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है। हजारों अभ्यर्थी पहले ही ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन करा चुके हैं और बड़ी संख्या में आवेदन अंतिम रूप से सबमिट भी हो चुके हैं। विभाग ने आवेदन की अंतिम तिथि 18 जून 2026 निर्धारित की है। इसके बाद चयन प्रक्रिया के तहत राज्य स्तरीय प्रवेश परीक्षा आयोजित की जाएगी।
865 सीटों पर होगा चयन
समाज कल्याण विभाग के अनुसार प्रदेश के विभिन्न केंद्रों पर कुल 865 सीटें निर्धारित की गई हैं। इनमें चयन पूरी तरह मेरिट और प्रवेश परीक्षा के आधार पर किया जाएगा, जिससे पारदर्शिता बनी रहे। इसके साथ ही 25 प्रतिशत सीटें उन अभ्यर्थियों के लिए आरक्षित रखी गई हैं जिन्होंने प्रारंभिक परीक्षा पहले ही क्वालीफाई कर ली है। इससे गंभीर और मेहनती छात्रों को सीधे मुख्य परीक्षा की तैयारी का अवसर मिलेगा।
गुणवत्तापूर्ण कोचिंग
इस योजना के तहत चयनित छात्रों को अनुभवी शिक्षकों द्वारा मार्गदर्शन, डिजिटल क्लासेस, स्टडी मटेरियल और हॉस्टल जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। सरकार का उद्देश्य केवल मुफ्त शिक्षा देना नहीं, बल्कि गुणवत्तापूर्ण तैयारी सुनिश्चित करना है।

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