यूपी में शिक्षकों के लिए खुशखबरी: नई तबादला नीति जारी

लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने परिषदीय स्कूलों और राजकीय माध्यमिक विद्यालयों के शिक्षकों के लिए नई तबादला नीति जारी कर दी है। इस नई व्यवस्था से शिक्षकों के ट्रांसफर और समायोजन प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी और ऑनलाइन बनाया जाएगा। सरकार का उद्देश्य शिक्षा व्यवस्था को अधिक संतुलित और व्यवस्थित करना है।

ऑनलाइन सिस्टम से होगा तबादला और समायोजन

नई नीति के अनुसार अब शिक्षकों के तबादले और समायोजन ऑनलाइन माध्यम से किए जाएंगे। सभी संवर्ग में अधिकतम 20 प्रतिशत तबादले ही अनुमन्य होंगे, जबकि 4 प्रतिशत तबादले विभागीय मंत्री के आदेश पर किए जा सकेंगे। इसके लिए भी केवल वही शिक्षक पात्र होंगे जिन्होंने स्वयं आवेदन किया होगा।

सरप्लस शिक्षकों की पहचान नई व्यवस्था से

सरकारी नीति के अनुसार अब स्कूलों में छात्र संख्या और विषयवार आवश्यकता के आधार पर सरप्लस शिक्षकों की पहचान की जाएगी। जिस शिक्षक ने बाद में ज्वाइन किया होगा, उसे प्राथमिकता के आधार पर सरप्लस माना जाएगा। इसके बाद खाली पदों की पूरी जानकारी विभाग की वेबसाइट पर सार्वजनिक की जाएगी, जिससे पूरी प्रक्रिया पारदर्शी बनी रहे।

तबादले में दूरी के आधार पर श्रेणियां तय

नई नीति में शिक्षकों को तीन श्रेणियों में बांटा गया है।

पहली श्रेणी: जिला मुख्यालय या नगर सीमा से 8 किलोमीटर के अंदर

दूसरी श्रेणी: तहसील मुख्यालय से 2 किलोमीटर के दायरे में

तीसरी श्रेणी: अन्य सभी दूरस्थ क्षेत्र

इस वर्गीकरण का उपयोग तबादला प्राथमिकता तय करने में किया जाएगा।

विशेष श्रेणी के शिक्षकों को राहत

नई नीति में कई विशेष श्रेणियों को राहत दी गई है। दिव्यांग शिक्षक, गंभीर रोग से पीड़ित परिजन वाले शिक्षक, विधवा या तलाकशुदा महिला शिक्षक, राष्ट्रीय या राज्य पुरस्कार प्राप्त शिक्षक तथा पति-पत्नी की अलग-अलग तैनाती की स्थिति में एक ही जिले में स्थानांतरण को प्राथमिकता दी जाएगी। सेना या अर्धसैनिक बलों में तैनात जीवनसाथी के आधार पर भी तबादले की सुविधा दी जाएगी।

58 वर्ष और वरिष्ठता को भी मिलेगा लाभ

जिन शिक्षकों की उम्र 58 वर्ष या उससे अधिक हो चुकी है, उन्हें भी तबादले में विशेष प्राथमिकता दी जाएगी। साथ ही वरिष्ठता और अन्य गुणांक के आधार पर भी स्थानांतरण में प्राथमिकता तय होगी।

सख्त नियम और पारदर्शिता पर भी जोर

नई नीति के तहत यदि कोई शिक्षक विकल्प नहीं भरता है, तो उसे सरप्लस स्थिति में किसी भी स्थान पर स्थानांतरित किया जा सकता है। इसके अलावा किसी भी स्कूल में छात्र-शिक्षक अनुपात से अधिक स्टाफ तैनात नहीं किया जाएगा। जून महीने के अंत तक सभी तबादले और समायोजन प्रक्रिया पूरी करने का लक्ष्य रखा गया है।

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