मिट्टी के उद्योग को मिलेगा नया विस्तार
माटी कला योजना का उद्देश्य पारंपरिक मिट्टी शिल्प और कुम्हार कला को आधुनिक स्वरूप देना है। योजना के माध्यम से इच्छुक युवा और कारीगर मिट्टी के बर्तन, कुल्हड़, घड़े, सुराही, कप, प्लेट, कटोरी, जग, अचारदानी सहित अन्य उत्पादों के निर्माण का व्यवसाय शुरू कर सकते हैं।
कौन कर सकता है आवेदन?
योजना का लाभ लेने के लिए आवेदक की आयु 18 से 55 वर्ष के बीच होनी चाहिए। पारंपरिक कारीगरों के अलावा ऐसे युवा भी आवेदन कर सकते हैं जो स्वरोजगार शुरू करने की इच्छा रखते हैं। ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों के पात्र अभ्यर्थियों को इस योजना में शामिल किया गया है।
10 जून तक करें आवेदन
इच्छुक अभ्यर्थी खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। आवेदन की अंतिम तिथि 10 जून 2026 निर्धारित की गई है। लाभार्थियों का चयन निर्धारित चयन समिति द्वारा किया जाएगा।
मशीन टूल किट भी मिलेगी
माटी कला को आधुनिक तकनीक से जोड़ने के लिए इस वर्ष निशुल्क इलेक्ट्रिक चाक वितरण का भी लक्ष्य रखा गया है। इसके अलावा खादी नीति के तहत लाभार्थियों को निशुल्क मोटराइज्ड दोना मेकिंग मशीन टूल किट उपलब्ध कराने की योजना भी संचालित की जा रही है।
अधिक जानकारी कहां मिलेगी?
योजना से जुड़ी विस्तृत जानकारी के लिए अभ्यर्थी अपने जिले के ग्रामोद्योग कार्यालय से संपर्क कर सकते हैं। अधिकारियों के अनुसार पात्र लाभार्थियों को हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जाएगी ताकि वे आसानी से अपना उद्योग शुरू कर सकें।

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