केंद्र सरकार के 2 बड़े फैसले, आम लोगों से किसानों तक को खुशखबरी

नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने हाल ही में देश के ऊर्जा और सड़क ढांचे को मजबूत करने के लिए दो अहम परियोजनाओं को मंजूरी दी है। केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में GOBARdhan योजना और असम के गुवाहाटी-तेजपुर कॉरिडोर को हरी झंडी दी गई। दोनों परियोजनाओं की संयुक्त लागत करीब 32,701 करोड़ रुपये है।

इन फैसलों का असर ऊर्जा सुरक्षा, किसानों की आय, जैविक कचरे के उपयोग और पूर्वोत्तर क्षेत्र की कनेक्टिविटी पर पड़ने की उम्मीद है। सरकार का लक्ष्य एक ओर देश में स्वच्छ ऊर्जा के विकल्पों को बढ़ावा देना है, वहीं दूसरी ओर असम में आधुनिक हाईवे नेटवर्क का विस्तार करना है।

1. GOBARdhan योजना: किसानों और ऊर्जा क्षेत्र के लिए बड़ा फैसला

केंद्र सरकार ने 23,731 करोड़ रुपये की GOBARdhan योजना को मंजूरी दी है। यह योजना वित्त वर्ष 2026-27 से 2035-36 तक लागू रहेगी। इसका उद्देश्य गोबर, कृषि अवशेष, प्रेसमड, नगर निकायों के जैविक कचरे और अन्य बायोमास का इस्तेमाल करके Compressed Biogas (CBG) और जैविक खाद का उत्पादन बढ़ाना है। सरकार का मानना है कि इससे एक तरफ कचरे का बेहतर उपयोग होगा, वहीं दूसरी तरफ किसानों और ग्रामीण क्षेत्रों में अतिरिक्त आय के अवसर पैदा होंगे।

2. गुवाहाटी-तेजपुर कॉरिडोर: असम को मिलेगा आधुनिक हाईवे

केंद्र सरकार ने असम में 135.871 किलोमीटर लंबे गुवाहाटी-तेजपुर कॉरिडोर के निर्माण को भी मंजूरी दी है। इस परियोजना पर 8,970.20 करोड़ रुपये खर्च होंगे। यह हाईवे NH-15 पर चार लेन के एक्सेस-कंट्रोल्ड कॉरिडोर के रूप में विकसित किया जाएगा और इसे Build-Operate-Transfer (BOT) Toll Mode के तहत तैयार किया जाएगा।

परियोजना में करीब 58.7 किलोमीटर के 5 बाईपास, 15 बड़े और 30 छोटे पुल, 19 फ्लाईओवर, 46 अंडरपास और करीब 210 किलोमीटर सर्विस रोड बनाए जाएंगे। तेजपुर बाईपास पर भारतीय वायुसेना के सहयोग से करीब 4.9 किलोमीटर लंबी इमरजेंसी लैंडिंग सुविधा भी विकसित की जाएगी। इसके अलावा वन्यजीवों की सुरक्षित आवाजाही के लिए एक Elephant Underpass बनाया जाएगा।

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