बिहार सरकार का बड़ा कदम, किसानों के लिए 4 बड़ी खुशखबरी

पटना। बिहार में सब्जी की खेती करने वाले किसानों के लिए राहत और उम्मीद भरी खबर है। सरकार अब सब्जी उत्पादन को केवल खेतों तक सीमित रखने के बजाय उसे बेहतर बाजार और मजबूत सप्लाई सिस्टम से जोड़ने की दिशा में काम कर रही है। इसके लिए सहकारिता विभाग ने सब्जी क्षेत्र से जुड़ी विभिन्न योजनाओं के लिए 106.39 करोड़ रुपये की मंजूरी दी है।

सरकार की योजना है कि किसान की उपज खेत से निकलने के बाद खराब न हो और उसे उचित बाजार तक पहुंचाने में कम से कम परेशानी आए। इसके लिए पंचायत और प्रखंड स्तर पर संग्रहण केंद्र, आधारभूत सुविधाएं, परिवहन और मार्केटिंग नेटवर्क को मजबूत किया जाएगा।

पहली खुशखबरी: 350 पंचायतों में बनेंगे संग्रहण केंद्र

सब्जी उत्पादकों के लिए सबसे अहम पहल पंचायत स्तर पर होने जा रही है। योजना के तहत प्रदेश की 350 पंचायतों में सब्जी संग्रहण केंद्र विकसित किए जाएंगे। इन केंद्रों पर स्थानीय किसानों की सब्जियां एकत्र की जा सकेंगी। इसके बाद उपज को जरूरत के अनुसार बड़े बाजारों तक भेजने की व्यवस्था की जाएगी। इससे किसानों को अपनी फसल लेकर दूर-दराज के बाजारों में जाने की जरूरत कम हो सकती है।

दूसरी खुशखबरी: 50 प्रखंडों में तैयार होगा आधारभूत ढांचा

सरकार ने पंचायतों के साथ प्रखंड स्तर पर भी सुविधाएं विकसित करने का फैसला किया है। इसके तहत 50 प्रखंड स्तरीय आधारभूत संरचनाएं तैयार करने की योजना है। इन सुविधाओं का इस्तेमाल सब्जियों के संग्रहण, परिवहन और बाजार से जुड़ी गतिविधियों को व्यवस्थित करने में किया जा सकेगा। पंचायत स्तर पर आने वाली उपज को प्रखंड स्तर की व्यवस्था से जोड़कर आगे बड़े बाजारों तक पहुंचाने की दिशा में काम किया जाएगा।

तीसरी खुशखबरी: 534 सहकारी समितियों को मिलेगी आर्थिक मदद

सब्जी उत्पादन से जुड़े किसानों को सहकारी नेटवर्क से जोड़ने के लिए 534 प्राथमिक सब्जी उत्पादक सहकारी समितियों (PVCS) को कार्यशील पूंजी देने का प्रावधान किया गया है। प्रत्येक पात्र समिति को 2 लाख रुपये की कार्यशील पूंजी उपलब्ध कराने की योजना है। इससे समितियां किसानों से सब्जी खरीदने, उसे एकत्र करने और बाजार तक पहुंचाने जैसी गतिविधियों को बेहतर तरीके से संचालित कर सकेंगी। इसके अलावा 9 सब्जी संघों को भी प्रति संघ 10 लाख रुपये की कार्यशील पूंजी देने का प्रावधान है।

चौथी खुशखबरी: हर यूनियन में खुलेंगे नए PVCS

सहकारी नेटवर्क के विस्तार को लेकर भी सरकार ने लक्ष्य तय किया है। संबंधित अधिकारियों को अगले 30 दिनों के भीतर प्रत्येक यूनियन में पांच नए PVCS को सुचारु रूप से संचालित करने का निर्देश दिया गया है। नए सहकारी केंद्र सक्रिय होने के बाद ज्यादा से ज्यादा सब्जी उत्पादकों को स्थानीय स्तर पर एक संगठित व्यवस्था से जोड़ने की कोशिश होगी। इससे किसानों को अपनी उपज बेचने के लिए सामूहिक बाजार उपलब्ध कराने में मदद मिल सकती है।

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