पित्त की थैली में पथरी बना सकते हैं ये 6 फूड्स! रोज खाने की आदत तुरंत बदलें

हेल्थ डेस्क। आजकल खान-पान की खराब आदतों और अनियमित जीवनशैली के कारण पित्त की थैली में पथरी की समस्या बढ़ती नजर आ रही है। पित्त की थैली लिवर के नीचे मौजूद एक छोटी थैली होती है, जिसमें पित्त जमा रहता है। जब पित्त में मौजूद कुछ पदार्थों का संतुलन बिगड़ता है, तो धीरे-धीरे छोटे या बड़े पत्थर जैसे कण बन सकते हैं।

हर व्यक्ति में पथरी बनने का कारण केवल खान-पान नहीं होता। मोटापा, तेजी से वजन कम होना, कुछ स्वास्थ्य स्थितियां और आनुवंशिक कारण भी इसकी वजह बन सकते हैं। हालांकि, डाइट में ज्यादा फैट और कम फाइबर वाली चीजों का लगातार सेवन जोखिम बढ़ा सकता है। इसलिए रोज की थाली में कुछ खाद्य पदार्थों की मात्रा सीमित रखना बेहतर माना जाता है।

1. तला-भुना खाना

पूरी, पकौड़े, समोसे, कचौड़ी, फ्रेंच फ्राइज और दूसरी डीप फ्राइड चीजों में वसा की मात्रा अधिक हो सकती है। इनका बार-बार सेवन पाचन तंत्र पर अतिरिक्त बोझ डाल सकता है और ज्यादा फैट वाली डाइट पित्त की पथरी के जोखिम से जुड़ी मानी जाती है। ऐसे खाद्य पदार्थों को रोज खाने के बजाय कभी-कभार और सीमित मात्रा में लेना बेहतर है।

2. ज्यादा फैट वाला रेड मीट

रेड मीट और इससे बने कुछ प्रोसेस्ड उत्पादों में सैचुरेटेड फैट की मात्रा अधिक हो सकती है। ज्यादा वसायुक्त मांस का नियमित सेवन संतुलित डाइट के बजाय शरीर में अतिरिक्त फैट की मात्रा बढ़ा सकता है। अगर आप नॉन-वेज खाते हैं तो कम वसा वाले विकल्पों को प्राथमिकता देना और पकाने के तरीके पर ध्यान देना बेहतर हो सकता है।

3. प्रोसेस्ड मीट

सॉसेज, बेकन, सलामी और अन्य प्रोसेस्ड मीट में अक्सर फैट और नमक की मात्रा ज्यादा होती है। इनका नियमित और अधिक सेवन स्वास्थ्य के लिए अच्छा नहीं माना जाता। ऐसे खाद्य पदार्थों की जगह ताजा और कम वसा वाले प्रोटीन स्रोतों को डाइट में शामिल करना बेहतर विकल्प हो सकता है।

4. फुल-फैट डेयरी प्रोडक्ट्स

मक्खन, क्रीम, फुल-फैट चीज और अधिक वसा वाले डेयरी उत्पादों में फैट की मात्रा काफी हो सकती है। अगर आपकी डाइट में इनका सेवन बहुत ज्यादा है तो मात्रा कम करना बेहतर रहेगा। दूध और डेयरी उत्पाद लेते समय कम वसा वाले विकल्पों को प्राथमिकता दी जा सकती है।

5. बेकरी और पैकेज्ड फूड

केक, पेस्ट्री, कुकीज, बिस्किट और कई पैकेज्ड स्नैक्स में फैट, रिफाइंड कार्बोहाइड्रेट और कैलोरी अधिक हो सकती है। इन्हें रोज खाने की आदत वजन बढ़ने और असंतुलित डाइट की वजह बन सकती है। इनकी जगह फल, सब्जियां, साबुत अनाज और अन्य पौष्टिक खाद्य पदार्थों को डाइट में शामिल करना ज्यादा बेहतर है।

6. ज्यादा चीनी वाले खाद्य और पेय

मीठे पेय, मिठाइयां और अधिक चीनी वाले पैकेज्ड खाद्य पदार्थों का नियमित सेवन भी संतुलित आहार का हिस्सा नहीं माना जाता। ज्यादा चीनी वाली डाइट वजन बढ़ने और मेटाबॉलिक समस्याओं का जोखिम बढ़ा सकती है, जो अप्रत्यक्ष रूप से पित्त की पथरी के जोखिम से जुड़ी हो सकती हैं। इसलिए मीठे खाद्य पदार्थों और शुगर वाले ड्रिंक्स का सेवन सीमित रखना समझदारी है।

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