केंद्र सरकार ने दी सौगात, ग्रामीण इलाकों में रहने वालों के लिए खुशखबरी!

नई दिल्ली। ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के लिए रोजगार से जुड़ी बड़ी खबर सामने आई है। केंद्र सरकार के नए ग्रामीण रोजगार कानून के तहत पात्र परिवारों को अब एक वित्तीय वर्ष में 125 दिनों के रोजगार की गारंटी दी गई है। पहले मनरेगा के अंतर्गत 100 दिनों के रोजगार का प्रावधान था। इस बदलाव से ग्रामीण परिवारों को रोजगार के 25 अतिरिक्त दिन मिल सकते हैं।

नए कानून में क्या बदला?

विकसित भारत-रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) अधिनियम 2025 के तहत रोजगार की गारंटी बढ़ाकर 125 दिन कर दी गई है। इसका उद्देश्य ग्रामीण परिवारों की आजीविका को मजबूत करना और रोजगार के अवसर बढ़ाना है।

वन अधिकार धारकों को लेकर क्या है सवाल?

पहले वन अधिकार अधिनियम के तहत जमीन पाने वाले कुछ पात्र अनुसूचित जनजाति परिवारों को 100 दिनों के रोजगार के अलावा 50 दिन का अतिरिक्त रोजगार देने का प्रावधान था। इस तरह उन्हें कुल 150 दिनों तक रोजगार मिल सकता था।

हालांकि, नए कानून में इस अतिरिक्त रोजगार को लेकर स्पष्ट उल्लेख नहीं होने से असमंजस की स्थिति है। ऐसे में पात्र आदिवासी परिवारों को पहले की तरह अतिरिक्त 50 दिन का रोजगार मिलेगा या नहीं, यह संबंधित सरकारी दिशा-निर्देशों से स्पष्ट होगा।

ग्रामीण परिवारों के लिए जरूरी बात: नए कानून में रोजगार की गारंटी 100 से बढ़ाकर 125 दिन की गई है। वहीं, वन अधिकार धारकों के लिए अतिरिक्त 50 दिनों की सुविधा जारी रहने की स्थिति की पुष्टि आधिकारिक नियमों से करना जरूरी है।

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