भारत की ग्रोथ ने दुनिया का ध्यान खींचा
कोरिया इंस्टीट्यूट फॉर इंटरनेशनल इकोनॉमिक पॉलिसी के विशेषज्ञ क्युंगहून किम के विश्लेषण के मुताबिक, भारत ने महामारी के बाद मजबूत वापसी की है। उनके अनुसार, 2021 से 2025 के दौरान देश की औसत सालाना विकास दर करीब 7.83 प्रतिशत रही। यह प्रदर्शन भारत की बढ़ती आर्थिक ताकत को दर्शाता है।
IMF और विश्व बैंक को भी भरोसा
भारत की विकास संभावनाओं को लेकर प्रमुख वैश्विक संस्थान सकारात्मक नजर आ रहे हैं। दिए गए अनुमानों के मुताबिक, विश्व बैंक ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए विकास दर 7.1 प्रतिशत रहने का अनुमान जताया है। वहीं, IMF और ADB के अनुमान भी करीब 7 प्रतिशत के आसपास हैं। हालांकि, अलग-अलग संस्थानों के आंकड़ों और अनुमानों में अंतर हो सकता है।
2030 तक मिल सकता है बड़ा मुकाम
भारत की अर्थव्यवस्था का आकार बढ़ने के साथ वैश्विक बाजार में देश की भूमिका भी महत्वपूर्ण हो रही है। यदि विकास की रफ्तार बनी रहती है, तो भारत 2030 के आसपास दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने का लक्ष्य हासिल कर सकता है। हालांकि, यह उपलब्धि कई कारकों पर निर्भर करेगी। वैश्विक आर्थिक परिस्थितियां, निवेश, रोजगार और अन्य देशों की विकास दर भारत की रैंकिंग को प्रभावित कर सकती हैं।
भारत के लिए आगे की राह भी अहम
तेज आर्थिक विकास भारत के लिए नए अवसर पैदा कर सकता है, लेकिन इसका लाभ आम लोगों तक पहुंचना भी जरूरी है। रोजगार के अवसर बढ़ाना, उत्पादकता में सुधार करना और निवेश को प्रोत्साहित करना इस दिशा में अहम भूमिका निभाएगा। यदि ग्रोथ की यह रफ्तार आने वाले वर्षों में भी कायम रहती है, तो वैश्विक अर्थव्यवस्था में भारत की स्थिति और मजबूत हो सकती है।
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