केंद्र सरकार का बड़ा फैसला, कर्मचारियों के लिए खुशखबरी, पढ़ें पूरी खबर

नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को रिटायरमेंट के समय होने वाली परेशानियों से बचाने के लिए अहम कदम उठाया है। इस व्यवस्था से करीब 70 लाख कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को फायदा मिलने की उम्मीद है। इसका उद्देश्य वेतन निर्धारण और पेंशन से जुड़ी गलतियों को समय रहते ठीक करना है।

रिटायरमेंट से 4 साल पहले होगी जांच

निर्देशों के मुताबिक, कर्मचारियों के रिटायरमेंट से करीब चार साल पहले उनके सर्विस रिकॉर्ड, वेतन निर्धारण और पेंशन संबंधी दस्तावेजों की जांच की जाएगी। इससे सेवानिवृत्ति के बाद गलत भुगतान के कारण होने वाली वसूली और विवादों को कम करने में मदद मिल सकती है।

गलती मिलने पर तय होगी जिम्मेदारी

पदोन्नति, इंक्रीमेंट और एसीपी/एमएसीपी के बाद जारी वेतन निर्धारण आदेशों का सत्यापन निर्धारित समय सीमा में करना होगा। इसमें तीन महीने या संबंधित वित्त वर्ष के अंत तक की समय सीमा का उल्लेख है। यदि सत्यापन के बावजूद कोई गड़बड़ी सामने आती है, तो जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय की जा सकती है।

पेंशन खर्च में भी हुई बढ़ोतरी

उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, वित्त वर्ष 2024-25 में केंद्र सरकार का कुल पेंशन खर्च बढ़कर लगभग 3.46 लाख करोड़ रुपये पहुंच गया। ऐसे में पेंशन रिकॉर्ड की समय पर जांच और सही भुगतान सुनिश्चित करना महत्वपूर्ण है।

कर्मचारियों के लिए जरूरी बात यह है की वो अपने सर्विस रिकॉर्ड, वेतन निर्धारण आदेश और पेंशन संबंधी दस्तावेजों की समय-समय पर जांच करें, ताकि रिटायरमेंट के वक्त किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े और सही समय पर पैसे मिल सके।

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