योजना का उद्देश्य
इस पहल का मुख्य लक्ष्य ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करना और गांवों में स्वरोजगार के अवसर पैदा करना है। सरकार का मानना है कि स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन से न केवल बेरोजगारी घटेगी बल्कि ग्रामीण युवाओं को अपने क्षेत्र में स्थायी रोजगार भी मिलेगा।
योजना का संचालन
यह योजना उत्तर प्रदेश खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड द्वारा संचालित की जा रही है। बोर्ड ग्रामीण युवाओं और कारीगरों को उनके उद्यम स्थापित करने के लिए वित्तीय मदद उपलब्ध कराता है। योजना में विशेष प्राथमिकता सेवा और उत्पादन क्षेत्र के उद्योगों को दी जा रही है ताकि ग्रामीण अर्थव्यवस्था में विविधता और मजबूती लाई जा सके।
पात्रता और लोन सीमा
जिला ग्रामोद्योग अधिकारी सत्यवीर सिंह के अनुसार, योजना के तहत आवेदक को अधिकतम 10 लाख रुपये तक का बैंक लोन दिया जाएगा। पात्रता के अनुसार आवेदक का उत्तर प्रदेश का निवासी होना अनिवार्य है और उसकी आयु 18 से 50 वर्ष के बीच होनी चाहिए। इसके अलावा, परंपरागत कौशल वाले कारीगर और तकनीकी रूप से प्रशिक्षित युवा प्राथमिकता प्राप्त करेंगे।
ऑनलाइन आवेदन और ब्याज राहत
सरकार ने आवेदन प्रक्रिया को ऑनलाइन पोर्टल upkvib.gov.in के माध्यम से सरल बनाया है। सामान्य वर्ग के आवेदकों को 10 लाख रुपये तक के प्रोजेक्ट पर 4 प्रतिशत ब्याज स्वयं वहन करना होगा, जबकि शेष ब्याज शासन द्वारा उपादान के रूप में दिया जाएगा। आरक्षित वर्ग के आवेदकों के लिए पूरी ब्याज राशि सरकार वहन करेगी, जिससे उन्हें आर्थिक राहत मिलेगी।

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