दो सर्वे, एक ही संदेश: कांटे की टक्कर
एसएएस ग्रुप और वोट वाइब ने राज्य के 243 विधानसभा क्षेत्रों में हजारों मतदाताओं के बीच सर्वे किया। दोनों सर्वे में साफ दिख रहा है कि एनडीए और महागठबंधन के बीच मुकाबला बेहद करीबी है। एसएएस ग्रुप के अनुसार 41% लोगों का मानना है कि महागठबंधन की सरकार बनेगी, जबकि 39% ने एनडीए को समर्थन दिया।
जबकि वोट वाइब के अनुसार महागठबंधन को 34.7% और एनडीए को 34.4% लोगों का समर्थन मिला। सर्वे में त्रिशंकु विधानसभा और तीसरे विकल्प ‘जन सुराज पार्टी’ की संभावनाओं पर भी चर्चा हुई। एसएएस ग्रुप के अनुसार, 8.5% लोग जन सुराज पार्टी को संभावित सत्ता निर्माता मानते हैं, जबकि 5.5% ने त्रिशंकु विधानसभा की संभावना जताई।
तेजस्वी यादव सबसे लोकप्रिय नेता
दोनों सर्वे में तेजस्वी यादव सबसे लोकप्रिय नेता के रूप में उभरे हैं। एसएएस ग्रुप के सर्वे में 38% ने तेजस्वी यादव को अगला मुख्यमंत्री चुना, जबकि नीतीश कुमार को सिर्फ 20% और प्रशांत किशोर को 14% समर्थन मिला। लगातार गठबंधन बदलने के कारण नीतीश कुमार की विश्वसनीयता पर असर पड़ा है, वहीं तेजस्वी की छवि ‘बदलाव लाने वाले नेता’ के रूप में मजबूत होती दिख रही है।
महिला और युवा वोटर्स: चुनाव के गेम-चेंजर
महिलाओं और युवा मतदाताओं की भूमिका इस बार निर्णायक हो सकती है। एसएएस सर्वे के अनुसार, 39.5% महिलाएं एनडीए को और 39% महागठबंधन को वोट दे सकती हैं। जबकि 18-29 साल के वोटरों में महागठबंधन को 49% समर्थन मिला, एनडीए को 26% और जन सुराज को 14% वोटर्स समर्थन दे सकते हैं।
जन सुराज पार्टी: किसकी वोट बैंक में सेंध?
प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी को ‘किंगमेकर’ के रूप में देखा जा रहा है। एसएएस ग्रुप के मुताबिक, 33% लोगों का मानना है कि यह एनडीए का वोट काट सकती है, जबकि 10% सोचते हैं कि महागठबंधन के वोट प्रभावित होंगे। 15% लोगों का कहना है कि दोनों गठबंधनों से वोट कट सकता है।

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