एनएचएआई ने शुरू किया सर्वे
नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) ने हाईवे को सिक्स-लेन करने की दिशा में कदम बढ़ाते हुए फिजिबिलिटी सर्वे शुरू कर दिया है। लखनऊ और बनारस रीजन की टीमें अपने-अपने हिस्से में सर्वे का काम कर रही हैं। इसमें वाहनों की संख्या, ट्रैफिक दबाव, यात्रियों की सुविधाएं और सड़क की वर्तमान स्थिति का मूल्यांकन किया जा रहा है।
एनएचएआई मुख्यालय, नई दिल्ली के निर्देश पर यह सर्वे किया जा रहा है, जो नवंबर के अंत तक पूरा होने की संभावना है। इसके बाद फरवरी तक डीपीआर (डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट) तैयार कर मार्च के बजट सत्र में इसके लिए फंड आवंटन का प्रस्ताव रखा जाएगा।
क्यों जरूरी हुआ सिक्स-लेन अपग्रेड?
पिछले कुछ वर्षों में एनएच-731 पर ट्रैफिक का दबाव लगातार बढ़ा है। प्रतिदिन लगभग 20 से 30 हजार वाहन इस मार्ग से गुजरते हैं। चूंकि यह मार्ग लखनऊ से वाराणसी के अलावा जगदीशपुर, सुलतानपुर, लंभुआ और जौनपुर जैसे प्रमुख शहरों को भी जोड़ता है, इसलिए इस सड़क पर भारी भीड़ स्वाभाविक है।
दूसरी ओर, हालांकि पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे भी बनारस तक का वैकल्पिक मार्ग है, लेकिन वहाँ पर सुविधाओं की कमी और अधिक टोल शुल्क के कारण अधिकांश लोग एनएच-731 को ही प्राथमिकता देते हैं। ऐसे में इस सड़क का निर्माण लोगों को काफी फायदा देगा।
क्या होगा फायदा?
हाईवे के 6-लेन बनने के बाद ट्रैफिक जाम की समस्या खत्म होगी, यात्रा समय में 2 घंटे तक की कमी आएगी, सड़क दुर्घटनाओं में कमी आएगी, और पूर्वांचल के व्यापारिक संपर्क को नई गति मिलेगी। यह परियोजना न केवल यात्रियों के लिए राहत लाएगी, बल्कि लखनऊ से वाराणसी के बीच औद्योगिक और पर्यटन विकास को भी बढ़ावा देगी।

0 comments:
Post a Comment