यूपी में 'आंगनबाड़ी केंद्रों' को लेकर बड़ा अपडेट!

लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने प्रदेश के बच्चों की शिक्षा और पोषण को बेहतर समन्वय देने के लिए एक अहम कदम उठाया है। अब प्रदेश के प्राथमिक विद्यालयों के बाहर चल रहे आंगनबाड़ी केंद्रों को उसी विद्यालय के परिसर में संचालित करने की तैयारी की जा रही है। यह कदम न सिर्फ बच्चों के समग्र विकास के लिए महत्वपूर्ण साबित होगा, बल्कि शिक्षा और पोषण सेवाओं के एकीकरण की दिशा में भी बड़ा सुधार माना जा रहा है।

नई पहल की शुरुआत

स्कूल शिक्षा महानिदेशक मोनिका रानी ने सभी जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों (BSA) को निर्देश दिया है कि वे अपने जिले में स्थित आंगनबाड़ी केंद्रों की विस्तृत जानकारी तैयार करें। इसके तहत यह देखा जाएगा कि कौन-कौन से केंद्र स्कूल परिसर से बाहर संचालित हो रहे हैं और उन्हें किस तरह विद्यालय से जोड़ा जा सकता है।

केंद्र सरकार के अनुरूप

केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय ने हाल ही में को-लोकेटेड आंगनबाड़ी केंद्रों के लिए नए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इन निर्देशों के अनुसार, जिन विद्यालयों में कक्षा 1 संचालित है, उन्हें निकटतम आंगनबाड़ी केंद्र से जोड़ा जाएगा। इसका उद्देश्य है कि बच्चों को प्री-स्कूल से लेकर प्राथमिक शिक्षा तक एक ही स्थान पर मिले।

प्रदेश के सभी जिलों में होगा सर्वे

इस प्रक्रिया के तहत बीएसए को एक निर्धारित प्रारूप पर रिपोर्ट तैयार करनी होगी। इसमें आंगनबाड़ी केंद्र का कोड, निकटतम विद्यालय का नाम और U-DISE कोड, दोनों के बीच की दूरी, तथा भवन की स्थिति जैसी जानकारियां शामिल होंगी। सर्वेक्षण का कार्य खंड शिक्षा अधिकारी (BEO) और बाल विकास परियोजना अधिकारी (CDPO) की संयुक्त टीम करेगी। यह टीम अपनी रिपोर्ट बीएसए को सौंपेगी, जिससे पूरे प्रदेश का डेटा तैयार किया जा सकेगा।

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