छात्रों के लिए नई सुविधाएं
इस मॉडल में दीक्षा प्लेटफॉर्म की मदद से वीडियो सर्च, रीड-अलाउड टूल जैसी सुविधाएं उपलब्ध होंगी। इससे छात्र-छात्राओं को पढ़ाई में आसानी होगी और वे तकनीक का बेहतर इस्तेमाल सीख पाएंगे। शिक्षा विभाग का कहना है कि यह पहल छात्रों को भविष्य के लिए तैयार करने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
एआई एजुकेशन का महत्व
आज की दुनिया में एआई और डिजिटल तकनीक तेजी से बढ़ रही है। इसी को ध्यान में रखते हुए, राज्य सरकार ने स्किलिंग फार एआई रीडनेस प्रोग्राम के तहत छात्रों को एआई शिक्षा देने का निर्णय लिया है। कक्षा 6 से 12वीं तक के छात्रों को मशीन लर्निंग, न्यूरल नेटवर्क और एआई के जिम्मेदार उपयोग जैसी बुनियादी बातें सिखाई जाएंगी। इसका उद्देश्य छात्रों को तकनीकी और डिजिटल दुनिया के लिए तैयार करना है।
तीन मॉडल में एआई शिक्षा
इस प्रोग्राम के अंतर्गत छात्रों के लिए तीन मॉड्यूल बनाए गए हैं, प्रत्येक की अवधि 15 घंटे है। ये हैं:
AI to Be Aware – एआई की मूल बातें और उसके दैनिक जीवन में उपयोग
AI to Acquire – प्रोग्रामिंग और एआई से जुड़ी तकनीकी समझ
AI to Aspire – एआई में करियर और भविष्य के अवसर
प्रोग्राम में जनरेटिव एआई, साइबर सुरक्षा, एआई में करियर के विकल्प और डिजिटल कौशल जैसी अवधारणाओं को शामिल किया गया है। यह करिकुलम ग्लोबल मानकों के अनुरूप तैयार किया गया है, जिससे छात्रों को विश्वस्तरीय शिक्षा मिल सके।

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