नई दिल्ली। केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए लंबे समय से प्रतीक्षित 8वें वेतन आयोग की प्रक्रिया तेजी पकड़ रही है। लोकसभा में 23 मार्च 2026 को वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने इस संबंध में लिखित जानकारी दी। उन्होंने बताया कि 8वें केंद्रीय वेतन आयोग का गठन पहले ही 3 नवंबर 2025 को कर दिया गया था और इसके चेयरपर्सन और सदस्यों की नियुक्ति पूरी कर दी गई है। आयोग अब पूरी तरह सक्रिय है और कर्मचारियों की सैलरी, भत्ते और पेंशन से जुड़ी समीक्षा शुरू कर चुका है।
रिपोर्ट आने का समय और प्रक्रिया
8वें वेतन आयोग को 18 महीने के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपनी होगी। इसका मतलब है कि रिपोर्ट आने में अभी कुछ समय लग सकता है। इसके बाद ही सरकार रिपोर्ट की सिफारिशों को लागू करने का निर्णय लेगी। फिलहाल कोई निश्चित लागू होने की तारीख घोषित नहीं की गई है।
सरकार ने यह भी स्पष्ट किया कि रिपोर्ट आने के बाद ही सिफारिशों का वित्तीय असर स्पष्ट होगा। कर्मचारियों, पेंशनर्स और अन्य हितधारकों से सुझाव लेने की प्रक्रिया भी जारी है। आयोग की 18 पॉइंट वाली क्वेश्चनेयर पर सुझाव देने की अंतिम तारीख 31 मार्च 2026 तक बढ़ा दी गई है। सुझाव केवल mygov.in पोर्टल के माध्यम से स्वीकार किए जाएंगे।
कर्मचारियों की मांगें
कर्मचारी संगठनों ने 8वें वेतन आयोग के सामने कई महत्वपूर्ण मांगें रखी हैं। इनमें प्रमुख हैं:
डीए को बेसिक पे में शामिल करना।
प्रमोशन के अधिक अवसर प्रदान करना।
फिटमैन फैक्टर को 3.0 से बढ़ाकर 3.25 करना।
मिनिमम पे को लगभग 57,000 रुपये तक ले जाना।
ओल्ड पेंशन स्कीम (OPS) को बहाल करना।
एनुअल इंक्रीमेंट को 3% से बढ़ाकर 6-7% करना।
यदि इन मांगों का कोई हिस्सा भी स्वीकार किया जाता है, तो लाखों कर्मचारियों और पेंशनर्स की आय में काफी सुधार होगा।
आगे क्या होगा
8वें वेतन आयोग की रिपोर्ट आने के बाद सरकार को निर्णय करना होगा कि कौन सी सिफारिशें लागू की जाएंगी। यह रिपोर्ट कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए बड़ी राहत या वित्तीय बदलाव लेकर आ सकती है। फिलहाल सबकी निगाहें आयोग की रिपोर्ट पर हैं, जिसे आने वाले समय में प्रकाशित किया जाएगा।
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