रिंग रोड से क्या होगा फायदा
इस रिंग रोड के बनने से तीर्थ क्षेत्र और आसपास के गांवों का राजधानी लखनऊ तक आवागमन आसान होगा। अयोध्या में धार्मिक पर्वों और मेलों के दौरान हाईवे पर भीड़ की समस्या कम होगी, क्योंकि लोग मेला क्षेत्र से बाहर निकलकर रिंग रोड के जरिये आसानी से आ-जा सकेंगे। वहीं, बस्ती और गोरखपुर के लोग रिंग रोड से सीधे लखनऊ तक यात्रा कर पाएंगे।
निर्माण का काम और लागत
इस परियोजना की कुल लंबाई 67.50 किलोमीटर और चौड़ाई 60 मीटर तय की गई है। निर्माण में सात फ्लाईओवर, चार रेलवे ओवरब्रिज (ROB), 16 अंडरपास, 11 मेजर ब्रिज और 18 माइनर ब्रिज शामिल होंगे। इसके अलावा, सरयू नदी पर दो बड़े पुल भी बनाए जाएंगे, जिनमें से निर्माण का 40 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है। इस पूरे परियोजना की अनुमानित लागत लगभग 3,418 करोड़ रुपये है।
परियोजना का व्यापक असर
इस रिंग रोड से न केवल बस्ती और आसपास के जिलों की सड़क कनेक्टिविटी सुधरेगी, बल्कि पर्यटन और आर्थिक गतिविधियों को भी नई गति मिलेगी। किसानों की भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया भी पूरी हो चुकी है, जिसमें बस्ती जिले के 618 किसानों की 41 हेक्टेयर जमीन 30 करोड़ रुपये में खरीदी गई है। विकास की इस नई पहल से क्षेत्रवासियों को यातायात में सुविधा मिलेगी और तीर्थ स्थलों का दौरा भी आसान हो जाएगा।

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